गाजियाबाद (युग करवट)। हाल ही शहर के सौंदर्यीकरण व ऐतिहासिकता को दर्शाते हुए नगर निगम ने फ्लाईओवर के पिलर व दीवारों पर पेटिंग कराई थी। लेकिन कुछ लोग अपने उत्पादों, संस्थानों के प्रचार प्रसार के पोस्टर आदि लगा कर इन पिलरों की पेटिंग को खराब करने का काम कर रहे हैं। नगर निगम ने ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अभियान शुरू किया है। शहर के डिवाइडर पोल में बैनर, फ्लैक्स बोर्ड लगा कर गंदा करने वाली संबंधित संस्था व एजेंसी आदि पर 20 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। इसकी वसूली नगर निगम द्वारा की जाएगी। इसी कड़ी में नगर निगम टीम ने ऐसे लोगो को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जो शहर में लगे पिलरों को पोस्टर आदि लगाकर खराब करने का काम कर रहे हैं। निगम ने ऐसे लोगों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही अब इन लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई निगम द्वारा की जाएगी। इतना ही नहीं
निगम ने पूरे शहर में डिवाइडर पोल में स्ट्रीट और रोप लाइट लगाई थी, लेकिन इनमें से अधिकांश लाइट टूटकर बंद हो गए हैं। इसका कारण बैनर-पोस्टर को बताया जा रहा है। राजनीतिक दल व संगठनों द्वारा पोल में विज्ञापन के रूप में बैनर पोस्टर लगा देते हैं। जिससे लाइट टूट जाती है। हवा-तूफान आने के दौरान बैनर पोस्टर उडक़र राहगीरों पर गिर जाते हैं। जिससे दुर्घटनाएं भी होती है।
मेट्रो पिलर-दीवारों को गंदा करने पर होगी एफआईआर: नगरायुक्त
मेट्रो संपत्ति, जैसे पिलर, दीवारें और स्टेशन परिसर पर पोस्टर चिपकाने वालों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर दर्ज होगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मेट्रो परिसरों पर लगातार की जा रही पोस्टरबाजी न सिर्फ स्वच्छता अभियान में बाधा डालती है। बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाती है। अब ऐसा करने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निगम की टीम नियमित रूप से पोस्टर हटाने का काम कर रही है और इसकी शिकायत नजदीकी थानों में दर्ज भी करवा रही है। लेकिन कई स्थानों पर बार-बार पोस्टर लगा दिए जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में तो स्थानीय दुकानदार पोस्टर हटाने में बाधा भी पैदा कर रहे हैं।