प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई व अन्य विदेशी ताकतों के इशारे पर भारत में राष्टï्रविरोधी गतिविधियों को संचालित करने वाले अभियुक्तों की धरपकड़ जारी है। ्र कौशांबी थाने के एसएचओ अजय कुमार शर्मा की टीम ने एसआईटी के साथ मिलकर तीन और अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। डीसीपी सिटी धवल जायवाल ने बताया कि अब पुलिस ने जिन अभियुक्तों को जेल भेजा है उनके नाम समीर उर्फ शूटर निवासी झुनझुना बस्ती सोमापुर भागलपुर बिहार हाल बल्ली मारान चांदनी चौक दिल्ली, समीर पुत्र शहजाद निवासी बुटराड़ा बावरी शामली और शिवरात निवासी चटिया बहादरपुर शाजहांपुर हाल दुर्गा मंदिर के पास भोवापुर कौशांबी हैं। श्री जायसवाल ने बताया कि अभी तक पुलिस २१ अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। मसूरी पुलिस द्वारा भेजे गये अभियुक्तों को भी गिन लें तो यह संख्या २७ बैठती है। श्री जायसवाल ने बताया कि अभी तक पकड़े गये अभियुक्तों की गई पूछताछ में जो बात पता चली है उससे मालूम हुआ है कि इस स्लीपर सेल के सुहैल, समीर उर्फ शूटर एवं नौशाद अली पाकिसतानी खुफिया एजेंसी भारत विरोधी ताकतों के मुख्य हैंडलर हैं। यह नेटवर्क विदेशी ताकतों के द्वारा उप्लब्ध कराये गये अत्याधुनिक उपकरणों, कैमरों, चिप और सोशल मीडिया के गोपनीय एप का प्रयोग करके भारतीय डिफेंस सिस्टम, राजमार्गो, रेलवे स्टेशनों, महत्वपूर्ण रक्षा संस्थानो की गोपनीय जानकारी आकाओं को भेज चुका था।
करोड़पति बनाने के लालच में जोड़ चुके हैं सैंकड़ों लडक़ों को
गाजियाबाद (युग करवट)। जिस भारत विरोधी नेटवर्क का भंड़ाफोड़ हुआ है उसके सक्रिय सदस्यों ने खुफिया एजेंसियों व कमिश्नरेट पुलिस अधिकारियों के सामने चौकाने वाले खुलासे किये। जिन्हें सुनकर अधिकारियों के भी होश फाख्ता हो गये। पाकिस्तानी एजेंट सरफराज उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह अपने आकाओं एवं भारत में सक्रिय सुहेल, नौशद अली व समीर उर्फ शूटर जैसे अनेक हैंडलरों की मदï्द से भारत में जहां अनेक स्लीपर सेल बना दी थी वहीं अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने और भारतीय सुरक्षा प्रणाली में सेंध लगाने के लिये ऐसे किशोर लडक़ों की पूरी कोर बनाने की कवायद कर दी थी कि जो कम पढ़ा लिखा होने के बावजूद रहीसों वाली जिन्दगी जीने की चाह रखते थे। सूत्रों की माने तो सरफराज उर्फ सरदार व उसके गुर्गे ऐसे किशोरों को करोड़पति बनाने और ग्लेमरनैस जिन्दगी बनाने के लिये लग्जरी संसाधन उप्लब्ध कराने का प्रलोभन देते थे। सूत्रों की माने तो सरफराज व उसके गुर्गे अपने इस खतरनाक मंसूबों में अंशत: तो कामयाबी हांसिल कर चुके थे। लेकिन यह भारत विरोधी नेटवर्क जब तक पूरी तरह से सफल हो पाता उससे पहले ही कौशांबी पुलिस एवं खुफियातंत्र ने इस नेटवर्क की खतरनाक साजिश का पर्दाफॉश करके इस संगठन को तहस नहस करने की मुहिम छेड़ दी।
सूत्रों का कहना है कि अभी उत्तर प्रदेश के कई और जपदों के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गजरात व महाराष्टï्र जैसे कई प्रांतों में भी ऐसे सैंकड़ों किशोरों का पता चल चल सकता है कि जो लालच अथवा महत्वाकांक्षा की वजह से इस देश विरोधी संगठन से जुडक़र संदिग्ध गतिविधियों को संचालिक करने के लिये बाध्य हो गये।