गाजियाबाद (युग करवट)। हरीश राणा का मंगलवार को एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते 13 साल से कोमा में थे। हरीश राणा एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल में एक हफ्ते से उनकी गहन निगरानी जारी थी। वे पिछले एक सप्ताह से बिना खाना और पानी के जीवित थे। इस दौरान उनके माता-पिता किसी चमत्कार का इंतजार कर रहे थे।
हरीश की मां अस्पताल के गलियारे में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थीं। बेटे के निधन से पहले मां ने भावुक होकर अपनी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा सांस ले रहा है। उसकी धडक़न अभी भी चल रही है। मां ने यह भी कहा कि वह मुझे छोडक़र जा रहा है।