गाजियाबाद (युग करवट)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए सरकार की नीतियों को जनविरोधी और पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सिर्फ दावों और नारों में उलझी है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।
श्री गर्ग ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और कोविड-19 जैसे बड़े फैसलों का खामियाजा आम जनता आज तक भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी दर पिछले कुछ वर्षों में 7 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, जिससे युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। आम आदमी की थाली महंगी हो गई है।घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में बीते वर्षों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा असर पड़ा है। गर्ग ने कहा कि सरकार आंकड़ों में विकास दिखाती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि आम आदमी की आमदनी नहीं बढ़ी, खर्च दोगुना हो गया। रसोई गैस को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार भले ही पर्याप्त सप्लाई का दावा करे, लेकिन हकीकत में आज भी लोग लंबी लाइनों में खड़े नजर आते हैं। उनके अनुसार गैस की कालाबाजारी बढ़ रही है आम लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा खुले बाजार में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने की मजबूरी बढ़ी है। श्री गर्ग ने कहा कि यह डबल इंजन नहीं, बल्कि डबल बोझ वाली सरकार है, जो जनता को राहत देने के बजाय समस्याओं में उलझा रही है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में हाउस टैक्स का मामला लंबे समय से लंबित है, लेकिन भाजपा के जनप्रतिनिधि इस पर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे। उन्होंने सवाल उठाया बैठक क्यों नहीं बुलाई जा रही।
अन्य दलों के प्रतिनिधियों को चर्चा में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा। श्री गर्ग का कहना है कि अगर सभी मिलकर बैठें, तो समाधान निकल सकता है, लेकिन नीयत की कमी के चलते समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। श्री गर्ग ने भाजपा नेताओं को सीधी चेतावनी दी कि यदि आपको इसी शहर में रहना है, इसी जनता के बीच रहना है। क्यों न ऐसा काम करें कि पद से हटने के बाद भी जनता आपको याद करे, न कि गालियां दे और कोसे। उन्होंनेे कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए साफ नीयत और मजबूत इच्छाशक्ति सबसे जरूरी होती है, लेकिन भाजपा में दोनों का अभाव साफ दिखता है। यही कारण है कि जनता से जुड़े मुद्दे लगातार लंबित हैं और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।