गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम के हाउस टैकस के मामले पर संयुक्त व्यापार मंडल, आरडब्ल्यूए फेडरेशन एवं गाजियाबाद उद्योग व्यापार मंडल समिति का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद व्यापारी धरना स्थल पर जमे रहे। उधर गाजियाबाद उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने नगर निगम की वर्तमान करवृद्धि प्रणाली और जोनल कार्यालयों में व्याप्त मनमानी व भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त को एक तीखा पत्र सौंपा है। आरडब्ल्यूए फेडरेशन के चेयरमैन आरके गर्ग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम के झूठे और आकर्षक वायदों के बीच शहर की आम जनता पिस रही है और जो लोग मजबूरीवश टैक्स जमा करने जा भी रहे है तो उनको बिल सही करने के नाम पर केवल धक्के खाने पड़ रहे हैं। तबीयत खराब होने के बाद भी आरके गर्ग धरने पर पहुंचे। उन्होंने धरने को संचालित करने के लिए आर्थिक सहायता भी दी। गाजियाबाद उद्योग व्यापार मंडल समिति के अध्यक्ष अवधेश शर्मा का कहना है कि शहर के जोनल कार्यालयों में मकान की आयु के नाम पर भ्रष्टाचार का एक नया द्वार खुल गया है। कर जमा करने पहुँच रहे शहरवासियों को केवल मानसिक और आर्थिक प्रताडऩा मिल रही है। नगर निगम के पास करदाताओं का पुराना सारा डेटा उपलब्ध है। नगर निगम एक्ट के नियमों के अनुसार 20 वर्ष से पुराने भवनों पर 40त्न छूट अनिवार्य है। निगम को चाहिए कि वह तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट कर इस छूट को स्वत: करदाताओं के बिल में दर्ज करे, ताकि बिल सुधार के नाम पर हो रहे शोषण से राहत मिल सके। जब तक नए सिरे से सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो जाता और सरकार की ओर से बढ़ाई गई गृहकर दरों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक 20 प्रतिशत छूट की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए। व्यापार मंडल ने नगरायुक्त से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा या अहंकार की लड़ाई न बनाएं, बल्कि शहरवासियों पर डाले जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने के लिए अपनी कुशल कार्यक्षमता का परिचय दें। धरना स्थल पर कर्नल टीपी त्यागी, गौरव गर्ग, राज किशोर गुप्ता, राजू छाबड़ा, बालकिशन गुप्ता, सुभाष छाबड़ा, संतोष शर्मा, रजनीश बंसल, सुभाष गुप्ता, सूरज बत्रा, संजीव लाहौरिया, हरवेन्द्र गांधी, प्रीतमलाल, अवधेश शर्मा आदि मौजूद रहे।