नोएडा (युगकरवट)। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर के व्यहार से आक्रोशित सीपीआई(एम) के संयुक्त डेलिगेशन जिसमें राज्यसभा के दो सांसद शामिल थे डीएम के सेक्टर 27 स्थित कैंप कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठ गए। इन्होंने आरोप लगाया कि उनका डेलिगेशन 13 अप्रैल को नोएडा में हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन की हकीकत जानने के लिए आया था, लेकिन जिलाधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं की। उन्हें इस आफिस से उस आफिस मे इधर-उधर भटकाया गया। डीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे नेताओं से जॉइंट कमिश्नर पुलिस राजीव नारायण मिश्र ने वार्ता की।
सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद डाक्टर वी शिवदासन ने बताया कि सूचना पहले से ही जिला प्रशासन को दी गई थी। डेलिगेशन को पुलिस लाइन ले जाया गया। कहा गया कि डीएम वहां पर उनसे मुलाकात करेंगी। वे लोग जिलाधिकारी का इंतजार करते रहे। लेकिन वह नहीं आई। फिर उन्हें बताया गया कि जिलाधिकारी सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में मिलेगी। वे लोग वहां पहुंचे। यहां उन्हे बताया गया कि जिलाधिकारी उन्हें सेक्टर 27 स्थित कैंप कार्यालय पर मिलेंगी। जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर जब वे पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं मिला। उप जिलाधिकारी वेद प्रकाश पांडे सेक्टर स्थित कैंप कार्यालय पर डेलिगेशन से बात करने पहुंचे तो, डेलिगेशन के लोगों ने कहा कि डीम से बात करनी है। जब उनसे कहा गया कि डीएम व्यस्त है तो ये लोग डीएम के व्यवहार से आक्रोशित हो गये तथा डीएम कैंप कार्यालय पर ही धरने पर बैठ गए। डेलिगेशन में राज्यसभा सांसदवी शिवदासन, एए रहीम, पोलित आर अरुण कुमार, एमए बेबी, अनुराग सक्सैना, सांसद अमरा राम आदि नोएडा आए थे। शाम को जब उनके साथी पुलिस ने छोड़ दिए तो डेलिगेशन वापस दिल्ली लोट गया।