नई दिल्ली (युग करवट)। जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर खाली करने की अपील की। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान फूट-फूटकर रो पड़े। सोनम वांगचुक की पत्नी का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस सोनम वांगचुक के मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं कर रहे हैं और उन्हें उस कमरे में फोन ले जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जहां सोनम को रखा गया है। वकील और निजी डॉक्टरों को अब अंदर जाने की अनुमति है। सोनम वांगचुक को आज सुबह 7:40 बजे आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। लंबे समय तक उपवास और निर्जलीकरण के कारण वे कमजोर हैं। अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। अभिजीत का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गई, वह पुलिस की गिरफ्त से भाग कर जंतर मंतर पहुंचे।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि मेरी और मेरे डॉक्टर की सहमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए। अंग्मो ने कहा, वह सफदरजंग अस्पताल में हैं। मैंने उन्हें मेरी मंजूरी के बिना कुछ भी देने से मना किया है। मेरी मंजूरी के बिना कोई इलाज शुरू नहीं होना चाहिए। अगर कुछ भी होता है, तो मैं सभी को जिम्मेदार ठहराऊंगी।