तीसरी आंख पर आया पूर्व विधायक रामनरेश रावत का जवाब
गाजियाबाद (युग करवट)। २० अप्रैल के अंक में युग करवट नियमित कॉलम तीसरी आंख में ‘क्या यूपी का होगा बंटवारा’ शीर्षक से संभावनाएं व्यक्त की गई थी इस पर पूर्व विधायक रामनरेश रावत ने कई चीजों को लेकर अपना जहां जवाब दिया वहां सही जानकारी भी दी। दरअसल, उत्तर प्रदेश के बंटवारे को लेकर समय-समय पर चर्चाएं चलती रहती है। इन चर्चाओं में सबसे प्रमुख चर्चा ये रहती है कि बसपा प्रमुख मायावती ने अपनी सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा में पास कर दिया था और उसे केंद्र के पास भेज दिया था। इसलिए अब केंद्र जब चाहे उस प्रस्ताव को पास कर सकता है लेकिन पूर्व विधायक रामनरेश रावत ने इस संबंध में सही जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा जब भंग हो जाती है तो वो प्रस्ताव भी जो विधानसभा में पास होते हैं वो भी भंग हो जाते हैं इसलिए ये कहना कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित हो गया है बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि यूपी में अगर बंटवारा होगा, नये राज्य बनेंगे तो नये सिरे से विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा और उसे पास कराकर केंद्र के पास भेजा जाएगा।
पूर्व विधायक रामनरेश रावत ने बताया कि भाजपा हमेशा छोटे राज्यों के पक्ष में रही है और २०२१ में भी यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह राज्यपाल से इस संबंध में बात की थी। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा छोटे राज्यों के विरोध या यूपी के बंटवारे का विरोध पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था। रामनरेश रावत ने बताया कि यूपी के बंटवारे की चर्चाएं काफी चल रही है लेकिन बसपा शासनकाल के प्रस्ताव से कोई मतलब नहीं है। अब नये सिरे से विधानसभा में प्रस्ताव लाना पड़ेगा।