उत्तर प्रदेश में भी नया प्रयोग
उत्तर प्रदेश में २०२७ के चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से जहां तैयार है वहीं वो कुछ नये प्रयोग भी कर सकती है। मंत्रिमंडल के विस्तार की बिसात भी २०२७ के मद्देनजर ही बिछाई जा रही है। बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी अब यादव समाज को भाजपा जोडऩा चाहती है। भाजपा सूत्रों की बातों पर भरोसा करें तो जो मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है उसमें यादव समाज से एक डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है। बताते हैं कि यूपी में तीन डिप्टी सीएम हो सकते हैं। वहीं मौजूदा मंत्रिमंडल से कुछ लोगों को हटाया भी जा सकता है जिनकी परफॉर्मेंस ठीक नहीं है उन्हें हटाया भी जा सकता है कुछ के मंत्रालय भी बदले जा सकते हैं। हालांकि पहले चर्चा थी कि तीन मई के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो क्योंकि तीन मई को चार राज्यों का परिणाम आ रहा है। लेकिन अब ये भी चर्चा है कि ृ27 से लेकर 30 तक मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। भाजपा को उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति का अंदाजा है कि सर्वे में जो बात सामने आयी है वो भाजपा के लिए सही नहीं है। कई एजेंसियों द्वारा कराये गये सर्वे में ये बात सामने आयी है कि 2022 वाला माहौल भाजपा के लिए 2027 में नहीं है। इसलिए टिकट का वितरण, मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत ही सही तरीके से किया जाना चाहिए। पीडीए को लेकर जिस तरह माहौल 2024 से सपा के साथ है उसमें अभी कोई कमी नहीं आयी है। इसलिए जातिगत और सामाजिक संतुलन बनाये रखते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार भी ताकि 2027 की राहे आसान हो सके। फिलहाल की तस्वीर बहुत बदली हुई है। इसीलिए मंत्रिमंडल के विस्तार में पीडीए की तस्वीर जरूर दिखाई देगी। अब देखना है कि कार्यकर्ताओं के और पीडीए के अच्छे दिन कितनी जल्दी आते हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव में नौ से दस माह का समय ही बच रहा है। वैसे चर्चा है कि इस साल के अंत में भी चुनाव कराये जा सकते हैं। जय हिंद