कांगे्रस में बदलाव
भले ही कांगे्रस सत्ता से दूर हो लेकिन उसके काम करने का अंदाज आज भी नहीं बदला है। कांगे्रस नेतृत्व झुककर कोई समझौता नहीं करता और कोई अगर उसे दबाव में लेने की कोशिश करता है तो वो सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटता। कांगे्रस प्रदेश अध्यक्ष की कमान आराधना मिश्रा उर्फ मोना को सौंप दी गई है। वर्तमान कांगे्रस अध्यक्ष अजय राय जो 24 घंटे पहले तक बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे वो हाशिए पर चले गये। दरअसल, अजय राय को हटाने के पीछे कुछ बड़े लोगों के हाथ हैं। वैसे भी अजय राय कांगे्रस के लिए अभी तक कोई मजबूत जमीन तैयार नहीं कर पाये थे। कांगे्रस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी जो लगातार हर सदन के सदस्य रहे हैं, चुनाव जीतते रहे हैं और आज भी वो राज्यसभा सांसद हैं। पूर्वांचल में प्रमोद तिवारी की मजबूत पकड़ से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि बीच में भाजपा ने उन पर भी डोरे डाले थे। उनकी बेटी आराधना मिश्रा उर्फ मोना वर्तमान में प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा से विधायक हैं। वो बेबाक हैं और स्पष्टï बोलती हैं उन पर भी बीच में भाजपा की ओर से पार्टी में आने की चर्चाएं चली थी लेकिन वो बस चर्चाएं ही रहीं। मोना को देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की कमान ऐसे वक्त सौंपी गई है जब विधानसभा चुनाव में सौ दिन बाकी हैं। कांगे्रस हाईकमान ने मोना को जिम्मेदारी देकर एक तो आया राम और गया राम पर बे्रक लगाया तो वहीं देश की तीसरी आबादी महिलाओं को प्रदेश की जिम्मेदारी देकर बड़ा संदेश दिया है। हालांकि यूपी में कांगे्रस की स्थिति ठीक नहीं है। उनके साथ बेबाक सांसद इमरान मसूद को भी कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। युग करवट ने भी पिछले सप्ताह लिखा था कि इमरान मसूद को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी। वैसे कार्यकारिणी अध्यक्ष क्या होता है और उसका क्या काम होता है ये किसी को नहीं पता। अगर ये कहा जाए कि अध्यक्ष ही सबकुछ होता है तो गलत नहीं होगा। जिसके साथ कार्यकारी शब्द लग गया वो तो एक तरीके से बस सहयोगी के रूप में ही काम कर सकता है। अध्यक्ष ही सर्वोपरि होता है। आराधना मिश्रा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक संबंध अच्छे हैं जाहिर है अब तक जो बयानबाजी गठबंधन को लेकर हो रही है उस पर ब्रेक लग सकता है। हालांकि मोना के पास कोई ऐसी चाबी नहीं है कि जो यूपी में हाशिए पर कांगे्रस को मजबूती के साथ खड़ा करें लेकिन जब बदलाव होते हैं तो उसका फायदा भी होता है और नुकसान भी होता है अब देखना है कि मोना पार्टी के लिए कितनी फायदेमंद रहेंगी। जय हिंद