गाजियाबाद (युग करवट)। शहर की सबसे हाईटेक और हाईफाई कविनगर रामलीला मैदान में रामलीला मंचन के लिए भूमि पूजन का विवाद अब कानूनी पचड़े में अटक गया है। मैदान में दो अलग-अलग तारीख पर दोनों समितियों द्वारा भूमि पूजन के निमंत्रण पत्र बांटने पर राजनीति भी गर्मा गई है। जबकि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अभी तक किसी समिति के पक्ष में कविनगर रामलीला मैदान को आंवटित नहीं किया है। वहीं डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा भी मामला हाईकोर्ट में लम्बित होने के कारण किसी भी समिति को सही या गलत नहीं माना गया है और ना ही कोई अनुमति जारी की गई है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि कौन सी समिति इस बार मंचन कराएगी या कोर्ट के निर्णय आने तक, इस बार मंचन हो पाएगा या नहीं। वहीं अब भूमि पूजन ३० को होगा या ६ सितंबर को कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालांकि दोनों समितियों के पदाधिकारी दावा कर रहे हैं कि वो सही है और अपनी निर्धारित तिथि पर भूमि करेंगे।
कविनगर रामलीला मैदान में समिति पदाधिकारियों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कविनगर मैदान में रामलीला मंचन के लिए दो समितियों ने भूमि पूजन के लिए निमंत्रण पत्र जारी किए हैं। पहला भूमि पूजन का निमंत्रण पत्र विपुल कुमार शर्मा व महामंत्री पवन कुमार गुप्ता की समिति द्वारा जारी किया गया है जिसमें 30अगस्त को भूमि पूजन होना है। यह निमंत्रण पत्र शहर के गणमान्य लोगों में वितरित किए जा चुके हैं। इसके बाद दूसरा निमंत्रण पत्र पुरानी समिति ने जारी किया है जिसे पूर्व में डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा नामित किया था। इस समिति में मुख्य सरंक्षक पूर्व सांसद व आजीवन सदस्य रमेश चंद तोमर, अध्यक्ष रामकुमार तोमर और महामंत्री रामगोपाल शर्मा द्वारा बांटे गए हैं, यह समिति छह सितम्बर को भूमि पूजन कराने जा रही है। हालांकि इस समिति पर बाद में डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा रोक लगा दी गई थी। लेकिन दोनों ही समितियां अपने को सही बताते हुए भूमि पूजन का दावा कर रही हैं। वहीं अभी तक जीडीए द्वारा भी किसी समिति के पक्ष में मैदान को आवंटित नहीं किया गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा भी इस मामले में किसी समिति को मंचन के लिए नामित नहीं किया गया है। ऐसे में यह मामला शहर में चर्चा का विषय तो बन ही गया है साथ ही यह सशंय भी खड़ा हो गया है कि क्या इस बार रामलीला मंचन हो पाएगा या नहीं।
हाईकोर्ट से निर्णय आने पर होगा फैसला: डिप्टी रजिस्ट्रार निखिलेश रंजन
डिप्टी रजिस्ट्रार निखिलेश रंजन ने बताया कि कविनगर रामलीला समिति में दो पक्ष दावा कर रहा हैं। इस मामले में हाईकोर्ट में तीन रिट दायर की गई थी जिसमें एक रिट चुनाव के सम्बंध में,दूसरी रिट वर्ष 2017 में सदस्यता को लेकर व 2022 में सदस्यता के सम्बंध थी। तीनों रिटों पर हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है। ऐसे में जब तक हाईकोर्ट इस मामले में कोई निर्णय नहीं ले लेता, वह किसी समिति के पक्ष में फैसला नहीं दे सकते। कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण यह बताना सहीं नहीं है कि कौन सी समिति सही है या नहीं। रही बात भूमि पूजन या मंचन की तो यह निर्णय सम्बंधित विभाग का है। उनका काम समितियों के चुनाव व नामित करना है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
अभी नहीं किया किसी को मैदान आंवटित : अपर सचिव जीडीए
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अपर सचिव प्रदीप सिंह ने बताया कि कविनगर रामलीला समिति को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार को दो दिन पहले पत्र लिखा गया है जिसमें जानकारी मांगी गई है कि कौन सी समिति ऑर्थोराइज्ड है, ताकि उसके नाम मंचन के लिए मैदान को आवंटित किया जा सके। वहां से कोई जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो समितियों द्वारा भूमि पूजन के लिए निमंत्रण पत्र बांटने की जानकारी मिली है, जिसे लेकर वह दोनों समितियों के पदाधिकारियों से वार्ता करेंगे ताकि डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां से जवाब आने तक इसे रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक मैदान को किसी भी समिति के पक्ष में आवंटित नहीं किया गया है, ऐसे में कोई भी समिति बिना अनुमति के भूमि पूजन नहीं करा सकती। दोनों पक्षों से वार्ता कर इसे रोका जाएगा, लेकिन बिना अनुमति किसी को भी मैदान पर कोई गतिविधि नहीं करने दी जाएगी।
छह सितम्बर का भूमि पूजन सिर्फ ड्रामाबाजी: विपुल शर्मा
श्रीधार्मिक रामलीला समिति के अध्यक्ष बनाए गए विपुल शर्मा ने कहा कि छह सितम्बर को भूमि पूजन के निमंत्रण बांटना सिर्फ ड्रामाबाजी है। उनकी समिति को नामित किया गया है, इसलिए वह भूमि पूजन कराएंगें, इसमें कोई रोक नहीं होगी। समिति ने मंचन व भूमिपूजन से लेकर जीडीए के साथ सभी औपचारिकता पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में सिर्फ 2017,2022 में सदस्यता को लेकर मामला चल रहा है, इसके अलावा कोई अन्य मामला विचाराधीन नहीं है। इससे समिति का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद के दबाव में डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा वर्ष 2011 की समिति को मान्यता दे दी गई थी, लेकिन बाद में इस निर्णय को वापस ले लिया गया था। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को उनकी समिति को डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा मान्यता दी गई है,उसी के आधार पर समिति निर्धारित समय पर विधि विधान से भूमि पूजन कराएगी।
छह सितम्बर को होना वाला भूमि पूजन ही सही: रमेश चंद तोमर
वहीं चार बार के सांसद व कविनगर समिति के आजीवन सदस्य रमेशचंद तोमर ने बताया कि छह सितम्बर को होना वाला भूमि पूजन ही सही है। उनकी समिति को डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा मान्यता दी गई थी, इस आदेश को निरस्त नहीं किया गया था। बिना किसी चुनाव के कोई भी समिति बनाकर भूमि पूजन नहीं करा सकता। यह भूमिपूजन उनकी समिति द्वारा ही किया जाएगा। इसे कोई नहीं रोक सकता। पूर्व सांसद ने कहा कि नई समिति को अभी तक डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से मान्यता तक नहीं मिली हैं, ऐसे में वह समिति कैसे सही हो सकती है। उन्होंने कहा कि ये जो समिति हाईकोर्ट भी गई लेकिन वहां से कोई भी फैसला उनके पक्ष में नहीं हुआ। उनका कहना है कि आम सभा के अलावा कोई भी समिति की मान्यता नहीं है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि कोई भी किसी को नियुक्त कर दे और वो समिति का अध्यक्ष बन जाए। उन्होंने कहा कि आम सभा ही निर्णय ले सकती है और जो ३० अगस्त को जो कमेटी भूमि पूजन के निमंत्रण पत्र बांट रही है उसको कोई अधिकार नहीं है।