नई दिल्ली (युग करवट)। भारत की वस्त्र परंपरा अब केवल करघों और कपड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैश्विक कारोबार की नई पहचान बन चुकी है। इसी बदलते स्वरूप की सबसे बड़ी झलक 14 से 17 जुलाई तक भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत टेक्स में दिखाई देगी। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन देश के वस्त्र उद्योग का अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक मंच बनने जा रहा है, जहां खेत से मिलने वाले प्राकृतिक रेशों से लेकर तैयार परिधान और विदेशी बाजारों तक की पूरी यात्रा एक ही छत के नीचे सिमटी नजर आएगी। करीब 16 लाख वर्ग फीट में फैले इस मेले में 1,600 से अधिक प्रदर्शक, 7 हजार से ज्यादा वैश्विक खरीदार, 1.30 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुक और 20 हजार से ज्यादा उत्पाद शामिल होंगे। यहां फाइबर, यार्न, फैब्रिक, परिधान, होम टेक्सटाइल, टेक्निकल टेक्सटाइल, आधुनिक मशीनरी और सस्टेनेबल फैशन तक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन प्रदर्शित की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य केवल कारोबार बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में नई पहचान दिलाना भी है। 20 से अधिक देशों के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और कारोबारी प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे, जबकि 14 देशों की कंपनियां अपने नवीनतम उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन करेंगी। इससे भारतीय उद्योग को नए बाजार, नई साझेदारियां और निवेश के अवसर मिलने की उम्मीद है।