गाजियाबाद (युग करवट)। पूर्व पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने हाउस टैक्स प्रकरण पर एक बार फिर नगर निगम अधिकारियों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि किसी योजना व शासन के आदेश को सार्वजनिक करने का नगर आयुक्त को कोई अधिकार नहीं है। हाउस टैक्स को लेकर जो शासन का आदेश आया है तत्काल प्रभाव से नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाकर नगर निगम के पार्षदों की सहमती कराने के बाद शासन के आदेश को सार्वजनिक करना चाहिए था। नगर निगम एक्ट में साफ कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी योजना व शासन से आए आदेश को पहले बोर्ड बैठक बुलकार सबकी सहमती लेनी होगी। लेकिन नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक व महापौर सुनीता दयाल ने ऐसा नहीं किया। नगर निगम अधिकारी व महापौर नगर निगम एक्ट की अवहेलना कर रहे है। नगर निगम में हाउस टैक्स को लेकर मीडिया व पार्षदों के साथ हुई बैठक मेें नगर निगम के वरिष्ठ पार्षदों को नही बुलाया जिन्हें नगर निगम व हाउस टैक्स की पूरी जानकारी है। सिर्फ बैठक में उन्हें बुलाया गया जिन्हें नगर निगम एक्ट की जानकारी नहंी है। नगर निगम के अधिकारी व महापौर शहर की जनता को गुमराह कर रहे है।