गाजियाबाद (युग करवट)। योगी मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में इस बात की संभावना थी कि त्यागी और गुर्जर समाज से कोई ना कोई मंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और गुर्जर समाज के पहले से राज्यमंत्री रहे सोमेंद्र तोमर को ही कैबिनेट मंत्री के बदले उन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बना दिया गया।
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाकर एक तरह से गुर्जर समाज को मनाने का प्रयास किया गया। हालांकि सपा से बगावत करके भाजपा में जाने वाले नरेंद्र भाटी के भी मंत्री बनने की संभावना थी लेकिन वो नहीं बने। नवाब सिंह नागर और तेजपाल नागर के भी उम्मीद थी लेकिन वो उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। पंकज सिंह की पूरी तरह से संभावना थी कि उन्हें मंत्रिमंडल में लिया जाएगा लेकिन ऐसा हो ना सका। लंबे इंतजार के बाद विस्तार तो हुआ लेकिन केवल 2027 को ध्यान में रखते हुए गोटियां फिट की गई।
रायबरेली की विधानसभा से जीतने मनोज कुमार पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया ये भी २०२७ को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिम्मेदारी दी गई। मनोज पांडेय पूर्वांचल का बहुत बड़ा चेहरा है और वो कई दर्जन सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं। वैसे भी मनोज पांडेय सीधे दिल्ली से जुड़े इसलिए उनका मंत्री बनाया जाना जरूरी था।
उनके मंत्री बनने से पूर्वांचल में भाजपा मजबूत होगी। वहीं गुर्जर और त्यागी समाज के किसी व्यक्ति को मंत्रिमंडल में नहीं लिये जाने से समाज में जरूर उदासीनता है। एमएलसी अश्वनी त्यागी के मंत्री बनने की पूरी संभावना थी लेकिन वो लखनऊ और दिल्ली की राजनीति का शिकार हो गये। वहीं अब चर्चा है कि संगठन में त्यागी और और गुर्जर समाज को पूरा सम्मान दिया जाएगा। ये भी चर्चा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष को लेकर गुर्जर और त्यागी समाज के किसी बड़े नेता को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि ये समाज पूरी तरह से भाजपा के साथ लगा हुआ है लेकिन जितना मिलना चाहिए था इतना इस समाज को नहीं मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर और त्यागी समाज के ठीक-ठाक वोट और इनको नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
…और पूर्व विधायक रूप चौधरी के ट्वीट ने बनने नहीं दिया एक नेता को मंत्री
गाजियाबाद (युग करवट)। पूर्व विधायक रूप चौधरी का अपना एक कद है। भाजपा का पुराना शीर्ष नेतृत्व आज भी रूप चौधरी का सम्मान करता है और वर्तमान में भी जो लोग बड़े पदों पर हैं वो भी रूप चौधरी का सम्मान करते हैं। बेबाक पत्रकार भी वो रहे हैं आज भी जब वो लिखते हैं तो उसका असर होता है। योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कुछ नाम चर्चाओं में आये। इन नामों में एक नाम को लेकर रूप चौधरी को ऐतराज था उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया और बताया कि जिन महाशय को मंत्री बनाने की तैयारी है उन पर पहले से ही भ्रष्टïाचार के आरोप है और पहले भी वो इसी कारण मंत्री पद से हटाए गए थे। अब फिर उनको मंत्री बनाने की चर्चा है। इस ट्वीट के बाद उन महाशय का नाम टीवी की चल रही पट्टी से भी हट गया और फिर शपथ भी नहीं हो पायी।