नई दिल्ली (युग करवट)। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर हमले की कोशिश हुई। इस बार हमलावर सीधा ट्रंप तक नहीं पहुंच पाया और घटनास्थल में घुसने के बाद ही राष्ट्रपति की सुरक्षा में जुटे सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने उसे मुठभेड़ के बाद जिंदा पकड़ लिया। हमलावर का नाम कोल टॉमस एलन बताया गया है, जो कि कैलिफोर्निया में एक शिक्षक रह चुका है। हमलावर वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में एक अतिथि के तौर पर ठहरा हुआ था। कार्यक्रम की वजह से दोपहर दो बजे से होटल में आम जनता का प्रवेश बंद कर दिया गया था और सिर्फ मेहमानों और टिकट धारकों को ही अंदर जाने की अनुमति थी। ऐसे में संदिग्ध का होटल में पहले से कमरा बुक होने का उसे फायदा मिला और वह आयोजन की सबसे बाहरी सुरक्षा परत को पार करने में सफल रहा। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, होटल के अंदर अपनी पहुंच बनाने के बाद संदिग्ध हमलावर हथियारों- शॉटगन, हैंडगन और कई चाकुओं से लैस होकर लॉबी में स्थित सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर तेजी से दौड़ा और उसे पार करने की कोशिश की। हालांकि, जैसे ही वह चेकपॉइंट से होकर भागा, सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने उसे दबोच लिया और जमीन पर गिराकर हथकड़ी लगा दी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुछ गोलियां चलीं और इसमें एक सीक्रेट सर्विस एजेंट घायल हो गया। खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना के बाद बताया कि हमलावर कमरे से लगभग 50 गज की दूरी पर था, जब उसने सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर तेजी से दौड़ लगाई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमलावर का निशाना सिर्फ आम लोग नहीं थे, बल्कि सीधे तौर पर सरकार के बड़े अधिकारी, यहां तक कि राष्ट्रपति भी हो सकते थे। अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को टारगेट करने आया था, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमलावर ने लंबा सफर तय किया, वह कैलिफोर्निया से ट्रेन के जरिए पहले शिकागो और फिर वॉशिंगटन डीसी पहुंचा, जहां उसने उसी होटल में कमरा लिया, जहां यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम हो रहा था।