हर बार के छक्के से जीत होगी ऐसा नहीं है
गाजियाबाद (युग करवट)। नीट के पर्चे लीक को लेकर चर्चा में आयी कॉकरोच पार्टी अब राजनीतिक मुद्दों को लेकर भी आंदोलन कर रही है। नीट को लेकर उसे वास्तव में सफलता मिली क्योंकि उसकी आवाज में देश के नौजवान की आवाज शामिल थी और उसी आवाज के चलते सरकार को भी झुकना पड़ा और फिर उसके बाद लगातार सरकार जेनजी को लेकर वर्कशॉप कर रही है।
मंत्रियों से संवाद करा रही है। इन जेन जी के चक्कर में ही हाशिए पर पड़ी स्मृति ईरानी को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई और उनके ऊपर जेन जी से संवाद करने की बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसमें कोई दोराय नहीं रातोंरात पूरे देश में जेन जी छा गया। क्योंकि अगर मुद्दे सही होते हैं तो मंजिल भी आसानी से मिलती है। हालांकि जेन जी की आड़ में ऐसी तस्वीरें भी सामने आयी जिसमें सभ्यता को शर्मसार किया। किसी भी बड़े आंदोलन में ऐसे लोगों की एंट्री होना स्वाभाविक है। हालांकि ऐसे लोग भी शामिल हुए जो कहीं ना कहीं किसी ना किसी अपराध से जुड़े थे लेकिन फिर भी मुद्दा सही होने के कारण सफलता मिली। अब मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कॉकरोच पार्टी ने आज आंदोलन की घोषणा की थी। कल से ही सरकार मशीनरी अलर्ट मोड़ पर रही। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। वैसे भी कॉकरोच पार्टी का क्या इतिहास है ये भी अब कहीं ना कहीं सामने आने लगा है। इसलिए अब ये एक तरह से राजनीतिक मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। जिस तरह पहले एकदम रातोंरात माहौल बन गया था ऐसी तस्वीर अब दिखाई नहीं दे रही है। पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और कल से ही बॉर्डर सील कर दिया गया था। जाहिर है हर बार हर छक्का मारकर मैच नहीं जीता जा सकता। कॉकरोच पार्टी का इतिहास कोई पुराना इतिहास नहीं है लेकिन क्योंकि वो एक युवाओं के मुद्दे को लेकर उसने आवाज बुलंद की थी इसलिए सफलता मिलना स्वाभाविक थी। चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच पार्टी का आंदोलन एक तरह एक राजनीतिक आंदोलन के रूप में लोग इसे देख रहे हैं। स्वाभाविक है कि अन्य राजनीतिक दल भी ये नहीं जाएंगे कि जुम्मा-जुम्मा आठ दिन से जिस पार्टी का गठन हुआ है उनके मुकाबले में उसकी ज्यादा जय-जयकार हो। कॉकरोच जनता पार्टी को अभी अपनी जमीन मजबूत करने के लिए जनहित के मुद्दों को उठाना चाहिए। ऐसे मुद्दे उठाना चाहिए जो विपक्षी दल नहीं उठा रहे हैं। चुनाव आयुक्त के खिलाफ तो सभी विपक्षी दल है फिर उसमें कॉकरोच पार्टी की आवाज कैसे अलग हो सकती है। कॉकरोच पार्टी और जेनजी को लेकर समाज में एक अच्छा संदेश गया था और लोगों में उम्मीद जागी थी कि ये युवा जरूर कुछ अच्छा काम करेंगे लेकिन भीड़ तंत्र और जन तंत्र के बीच जरूर फर्क पैदा करना पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि कॉकरोच पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद करे ताकि लोग उसे फिर एक नई उम्मीद की किरण के साथ देख सके।