प्रीपैड से पोस्ट पैड में बदले सभी स्मार्ट मीटर
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही खींचतान के बीच विद्युत विभाग स्मार्ट मीटर की जांच करा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को संतृष्टï किया जा सके कि स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तरह ही संचालित हो रहा है। अब तक अकेले गाजियाबाद जोन में 2650 स्मार्ट मीटर की जांच विभाग की टीम कर चुकी हैं जिसमें दावा किया गया है कि एक भी मीटर में खामी सामने नहीं आई है। इतना ही नहीं शासन से निर्देश के बाद जिले के सभी प्रीपैड स्मार्ट मीटर को पोस्टपैड में बदल दिया गया है। प्रीपैड उपभोक्ताओं को जारी बिल में भी इसकी जानकारी दी जा रही है कि उनका मीटर पोस्टपैड हो गया है। जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने के झंझट से निजात मिल गई है। बता दें कि स्मार्ट मीटर को लेकर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में जमकर विरोध किया गया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर से कहीं तेज गति से चल रहे हैं जिससे उनका बिल बढक़र दोगुना हो गया है। इसके अलावा उपभोक्ता प्रीपैड प्रणाली का भी कड़ा विरोध कर रहे थे। उपभोक्ताओं के विरोध को देखते हुए मीटर को पोस्टपैड से प्रीपैड तो कर दिया गया है लेकिन अभी भी लोगों के यहां स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। गाजियाबाद जोन के मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि जोन-1 में स्मार्ट मीटर की जांच के लिए 5950 उपभोक्ताओं के यहां चेक मीटर लगाए गए थे, ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच की जा सके। इसके अलावा विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर की जांच में जुटी हैं जिसमें अब तक 2650 मीटर की जांच हो चुकी है, एक भी मीटर में खामी नहीं मिली, स्मार्ट मीटर पुराने मीटर ही तरह ही सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। इस जांच के बाद उपभोक्ता भी संतृष्टï दिखे। मुख्य अभियंता ने कहा कि जितने भी चेक मीटर लगाए गए हैं उन सभी की रिपोर्ट सहीं पाई गई है। ऐसे में अब उपभोक्ताओं को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर से उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। जिले में 11.88 लाख विद्युत उपभोक्ता है जिनमें से करी ढाई लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने के बावजूद समय पर विद्युत आपूर्ति न मिलने, बैलेंस खत्म होते ही सप्लाई कटने और तकनीकी दिक्कतों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।