यूपी में कम होंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतें
लखनऊ। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों के साथ उत्तर प्रदेश की भाजपा और प्रदेश सरकार भी परेशान है। आम आदमी महंगाई की मार झेल रहे हैं तो अगले कुछ माह में चुनाव मैदान में उतरने को तैयार भाजपाइयों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि कही पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें पार्टी की संभावनाओं पर असर ना कर दें। यहीं चिंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सता रही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने आज शाम को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग को लेकर हाईपावर कमेटी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव और वित्तसचिव समेत टैक्स के जानकार शामिल होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पेट्रोल और डीजल को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए जा रहे कुछ टैक्स में कमी का फैसला लिया जा सकता है। इससे यूपी में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी आ सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पेट्रोल और डीजल में दो-दो रुपए की कमी के लिए टैक्स में कटौती का फैसला ले सकते हैं। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोजाना बढ़ोत्तरी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही हैं। इस हफ्ते के पहले दो दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, लेकिन बुधवार से फिर लगातार दूसरे दिन आज (गुरुवार) यानी 28 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल के रेट में 35-35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 108.29 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, गाजियाबाद में आज पेट्रोल 104.35 रुपए है। तेल की इस महंगाई से आम लोगों की जेब पर भार पड़ रहा है। हाल ही यूपी में किए गए एक सर्वे में बताया गया कि लोग महंगाई को लेकर सरकार और खासकर भाजपा से नाराज है। भाजपा ने भी अपनी तरफ से सर्वे कराए हैं, जिसमें महंगाई को सबसे ज्यादा परेशान करने वाला कारक बताया गया। इसके बाद से ही यूपी में आम लोगों पर महंगाई की मार को कम करने के लिए सरकार की ओर से कोशिशें तेज हो गई है।