भारत रत्न या भाजपा रत्न

लगता है कि मैं सठिया गया हूं। यह सठियाना नहीं तो और क्या है कि अब जब किसी अखबार में काम ही नहीं करता तो फिर मन ही मन खबरों के हैडिंग क्यों लगाता रहता हूं? क्यों खयालों में किसी बड़ी खबर की साइड स्टोरीज तैयार करता रहता हूं? अब [...]