सत्ता का अहंकार और जनता का प्रतिकार
गौर से देखिए, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा केवल एक मंत्री का पद छोडऩा भर नहीं है। वरन् यह उस राजनीतिक अहंकार की पहली दरार है जिसने लंबे समय से यह मान लिया था कि बहुमत का अर्थ जनमत पर स्थायी कब्ज़ा है। जंतर मंतर पर चले छात्र आंदोलन ने मेरी [...]