राहुल गांधी होने का अर्थ

नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के एक मॉल के बाहर एक छोटी बच्ची असहाय लोगों के सहायतार्थ फूल बेच रही थी। वह बच्ची मॉल में आते-जाते हर व्यक्ति से फूल खरीदने का अनुरोध कर रही थी मगर लोग बाग़ उसे नो थैंक्स कह कर आगे बढ़ जाते थे। यह सब देख [...]

2026-10-19T15:00:31+05:30October 19, 2026 3:00 pm|

यह डर कुछ कहता है

युवा प्रदर्शनकारियों से डर कर पूरी दिल्ली को बंधक बना लिए जाने को बेशक आप कुछ भी नाम दें मगर दुनिया भर में इसे डर की संज्ञा दी जा रही है। डर का ऐसा सरकारी रूप कम से कम दिल्ली ने तो कभी नहीं देखा था । पचास हजार से [...]

2026-10-12T14:46:43+05:30October 12, 2026 2:46 pm|

सीन में अब बड़े खिलाड़ी की एंट्री

बसपा कार्यकर्ता आर एन आर्य उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सदस्य थे। उनका कार्यकाल 1996 से 2002 तक रहा। पार्टी के गाजिय़ाबाद कार्यालय में वे आए दिन आ बैठते थे और चूंकि मेरा घर बसपा कार्यालय के बिल्कुल पास था अत: उनसे अक्सर भेंट भी हो जाया करती थी। [...]

2026-10-05T14:39:33+05:30October 5, 2026 2:39 pm|

लोकतंत्र आगे आगे-मतदाता पीछे पीछे

लीजिए यह खबर आप तक पहुंचा ही दी गई कि चुनाव आयोग में अब सबकुछ ठीक हो गया है और विवाद के मेले में बिछड़े तीनों चुनाव आयुक्त फिर एक बार फिल्मी स्टाइल में गले मिल चुके हैं। मगर क्या वाकई आयोग में अब सब कुछ ठीक ठाक हो गया [...]

2026-09-28T15:08:29+05:30September 28, 2026 3:08 pm|

उभरता ग्रेटर पीर बुखारा

यह बात अगस्त 1990 की है। तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह नीत जनता दल सरकार द्वारा मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करने के खिलाफ देश भर के छात्र आंदोलनरत थे और अनेक छात्रों ने आत्मदाह तक कर लिया था । इसी तूफान के बीच हम कुछ पत्रकारों को वीपी सिंह से [...]

2026-09-21T15:07:48+05:30September 21, 2026 3:07 pm|

निभाया नहीं केवल माना जा रहा है धर्म

हो सकता है कि धर्म किसी के लिए केवल आस्था का विषय हो मगर दर हक़ीक़त यह है कि धर्म हमारी संस्कृति, सामाजिक जीवन और सामूहिक स्मृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी रौशनी में जब हम देखते हैं कि मुल्क में धार्मिक पहचान से जुड़े विवाद अब द्वेष, राजनीतिक [...]

2026-09-07T14:41:37+05:30September 7, 2026 2:41 pm|

अजब तेरी कारीगरी रे सरकार

बात ज्यादा पुरानी नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड अपनी पर्स में रखता था। एक बार मासिक बिल आया 2307 रुपए। मैने लमसम तेईस सौ रुपए तो जमा कर दिए मगर सात रुपए यह सोच कर छोड़ दिए कि अगले महीने के बिल के साथ भुगतान कर दूंगा। अगले [...]

2026-08-31T14:07:29+05:30August 31, 2026 2:07 pm|

कुछ बातें लफ्फाजी के पार

बचपन गरीबी में बीता। शायद आपका भी । जब देश ही गरीब था तो हम आप कैसे अमीर होते। आज आसपास बिखरी हुईं तमाम सुविधाएं तब नहीं थीं। आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करते समय कम से कम इस विकास पर तो संतोष होता ही है। 1947 में जब [...]

2026-08-17T16:52:36+05:30August 17, 2026 4:52 pm|

कांवड़ यात्रा: क्या केवल आस्था का विस्तार

सावन का महीना है और सडक़ों पर जहां तक निगाह डालो भगवा रंग ही दिखाई दे रहा है। हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और बिहार तक सडक़ों पर कांवडिय़ों की भीड़, उनके लिए बनाए गए शिविर, भोजन-पानी की व्यवस्थाएं, धार्मिक संगीत और ‘बोल बम’ के नारों [...]

2026-08-10T14:42:57+05:30August 10, 2026 2:42 pm|

सत्ता का अहंकार और जनता का प्रतिकार

गौर से देखिए, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा केवल एक मंत्री का पद छोडऩा भर नहीं है। वरन् यह उस राजनीतिक अहंकार की पहली दरार है जिसने लंबे समय से यह मान लिया था कि बहुमत का अर्थ जनमत पर स्थायी कब्ज़ा है। जंतर मंतर पर चले छात्र आंदोलन ने मेरी [...]

2026-07-27T13:53:37+05:30July 27, 2026 1:53 pm|
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