आपातकाल बनाम लोकतंत्र की आत्मा

देश में जब आपातकाल की घोषणा हुई तब मेरी उम्र बामुश्किल 14 बरस थी मगर उसका अच्छा बुरा असर मेरी उम्र के किशोरों पर भी पड़ा था। शहर की पॉश मानी जाने वाली हमारी कॉलोनी कविनगर तब बसनी शुरू ही हुई थी। छोटी से छोटी चीज के लिए भी शहर [...]

2026-06-29T14:31:31+05:30June 29, 2026 2:31 pm|

राम मंदिर नहीं राजनीतिक विश्वसनीयता में भी सेंध

अयोध्या के राम मंदिर में चोरी के मामले से मुल्क में राजनीतिक तूफान के आसार बनते नजर आ रहे हैं। सब जानते हैं कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं है बल्कि स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक-सामाजिक आंदोलनों में से एक का परिणाम भी है। [...]

2026-06-22T14:31:57+05:30June 22, 2026 2:31 pm|

मेरा महापुरुष तेरे महापुरुष से बड़ा

अभी पिछले हफ्ते की ही तो बात है। मैं मुजफ्फरनगर के पास से गुजर रहा था जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जुलूस निकलता देखा। जुलूस में आदमी कम थे और गाडिय़ां ज्यादा। हर आठ दस गाडिय़ों को एस्कॉर्ट करता हुआ ट्रकनुमा एक डीजे भी चल रहा था। इन सभी डीजे [...]

2026-06-16T14:51:48+05:30June 16, 2026 2:51 pm|

इंसानियत को सलाम दर सलाम

आम तौर पर माना जाता है कि अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों और उत्तर पूर्व भारतीयों के बीच डबल कॉन्शसनेस यानी द्वैत चेतना काम करती है और इनसे संबंधित व्यक्ति स्वयं को दो दृष्टियों से एक साथ देखने लगता है । पहला अपनी नजऱ से, जैसा वह स्वयं को समझता है और [...]

2026-06-08T13:50:06+05:30June 8, 2026 1:50 pm|

सत्ता का अहंकार और जनता का प्रतिकार

भारतीय राजनीति में जनता जनार्दन का मिजाज बदलते देर नहीं लगती। जनता की भावनाओं और समस्याओं से कटा नेता जब तक सत्ता में है, तब तक ही उसके आगे-पीछे अफसरों, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और अवसरवादियों की भीड़ लगी रहती है। उसकी एक मुस्कान पर लोग धन्य हो जाते हैं और उसकी [...]

2026-06-02T14:05:22+05:30June 2, 2026 2:05 pm|
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