उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव-२०२७
गाजियाबाद (युग करवट)। विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में जोर आजमाइश शुरू हो गई है। एआई के जरिए रोज नई-नई वीडियो आ रही हैं। लेकिन वीडियो और रील के सहारे चुनाव नहीं जीता जा सकता। ये कुछ पल का एक हंसने का साधन हो सकता है। लेकिन आप इसके सहारे चुनाव जीत जाए ये संभव नहीं है।
जमीनी तौर पर जहां राजनीतिक दलों के लोगों को काम करना पड़ता है वहीं जीत-हार में सितारों का भी बड़ा खेल है और इन सितारों के सहारे ही लोग आगे बढ़ते हैं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस बात को लेकर पूरी तरह से संतुष्टï हैं कि इस बार अखिलेश आ रहे हैं। ये ठीक है कि कहीं ना कहीं माहौल दिखाई दे रहा है। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जो माहौल था वो भी कुछ ऐसे ही था और सरकारी मशीनरी को भी ये अहसास हो गया था कि सपा की सरकार आ रही है।
मतगणना से एक दिन पहले ही उनके व्यवहार में भी बदलाव आ गया था लेकिन मतगणना जैसे-जैसे होती गई बाजी पलट गई। हालांकि 2017 वाली सीटें नहीं मिली लेकिन बहुमत मिल गया था। अब २०२७ के विधानसभा चुनाव को लेकर पूर्वांचल का माहौल बहुत बदला हुआ है। भाजपा के पूर्व सांसद का कहना है कि यूपी में ६५ इंडिया गठबंधन और ३५ में एनडीए है। भाजपा के पूर्व सांसद पूर्वांचल में अपना वजूद रखते हैं और जमीनी तौर पर नेता हैं। उनका आंकलन काफी हद सही रहता है। इसके अलावा ब्राह्मïण समाज की नाराजगी को देखते हुए पूर्वांचल में माहौल दिखाई दे रहा है। लेकिन अभी कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि किसका माहौल है किसका नहीं है। अगर सितारों की बात करें तो ज्योतिषों पर भरोसा करें तो अभी तक ये नहीं कहा जा सकता है कि २०२७ का राजा कौन होगा। मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी ज्योतिषों का कहना है कि वो हैट्रिक लगा सकते हैं लेकिन इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। एक जाने-माने ज्योतिष के अनुसार 5 दिसंबर 2026 को राहू और केतु को गोचर हो रहा है। 5 दिसंबर के बाद देश की राजनीति की बहुत तस्वीर बदलेगी। कई मुख्यमंत्री अपने पद से हटेंगे। दिल्ली की राजनीति में भी बदलाव के संकेत हैं और 5 दिसंबर के बाद ही ये पता चलेगा कि २०२७ में यूपी का राजा कौन होगा। जमीनी तौर पर कुछ भी हो लेकिन सितारों का खेल भी काफी अहम होता है इससे इनकार नहीं किया जा सकता।