भारतीय जनता पार्टी के महानगर मोर्चों को लेकर कोर कमेटी की बैठक दोबारा कराई जा सकती है। इस बात की संभावनाएं अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि इस बैठक में कई जनप्रतिनिधि पहुंचे नहीं थे। हालांकि दोबारा बैठक बुलाई जाए या नहीं इस पर अंतिम फैसला महानगर भाजपा प्रभारी अशोक कटारिया को लेना है। अगर वह ऐसा सोचते हैं कि सभी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को ही कोर की बैठक माना जाएगा, तो बैठक दोबारा कराई ही जाएगी। क्योंकि पिछले सप्ताह हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, स्वतंत्र प्रभार मंत्री नरेन्द्र कश्यप, मेयर सुनीता दयाल आदि किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए थे। खैर यह तो हुई अलग बात, बैठक हो या ना हो, वह भविष्य बताएगा। महत्वपूर्ण बात यह रही कि महानगर द्वारा भेजे गए युवा और महिला मोर्चा के पैनल को एक तरह से स्वीकार नहीं किया क्या। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि उनके पैनल में अतिरिक्त नाम जोड़े गए। जैसे कि युवा मोर्चा अध्यक्ष के लिए संदीप चौधरी, राम त्यागी व नौमिष पांडे के साथ मोनू त्यागी, दीपक राघव और नितिन शर्मा का नाम एड कराया गया। महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष के लिए रिचा भदौरिया के साथ रेनू चंदेला, सिद्घी प्रधान और अंजना त्यागी का नाम जोड़ा गया। पिछली बैठक में दो ही मोर्चों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन उसे भी अधूरी माना जा रहा है। भाजपा में कोर कमेटी का मतलब है सभी जनप्रतिनिधियों, प्रभारी व अध्यक्ष की राय सम्मिलित करना जो अभी हो नहीं पाया है। अब भाजपा के लोगों की निगाह क्षेत्रीय मोर्चों के अध्यक्षों के पैनल को लेकर होने वाली बैठक पर भी है। संभावना है कि क्षेत्रीय कोर कमेटी अगले एक दो दिन में ही और शायद सात अक्टूबर को कराई जा सकती है। इसमें मोर्चों के क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ उनकी कमेटी के सदस्यों पर भी चर्चा संभव है। क्षेत्रीय मोर्चांे में पद पाने के लिए भी भाजपा में जोड़तोड़ चल रही है। देखते हैं किसके हिस्से क्या आता है।