गाजियाबाद (युग करवट)। एक अक्टूबर से वाहनों में नो पीयूसी-नो पेट्रोल की पॉलिसी लागू हो गई है। लेकिन शहर के अधिकतर पेट्रोल पम्प पर पहले दिन ही पीयूसी जांच करने की व्यवस्था लचर रही। कहीं ऐप नहीं चल रहा तो कहीं बिना सार्टिफिकेट जांच के ही वाहनों में पेट्रोल दिया जा रहा है। पेट्रोल पम्प संचालक दस में से एक वाहन का ही पीयूसी जांच रहे हैं, उसमें भी अगर किसी के पास वैध सार्टिफिकेट नहीं है तो भी उसे पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं वाहनों में पीयूसी जांच के लिए डाउनलोड कराया गया ऐप भी काम नहीं कर रहा। बार-बार वाहनों के नम्बर को डालने के बाद भी वह उसे स्कैन नहीं कर पा रहा है जिसके कारण पेट्रोल पम्प कर्मी सार्टिफिकेट देखकर पेट्रोल भर रहे हैं। वहीं किसी भी पेट्रोल पम्प पर नो पीयूसी-नो पेट्रोल के बैनर-पोस्टर तक नहीं लगे। वाहनों के पीयूसी जांच के लिए पेट्रोल पम्प पर एनपीआर कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन जिले के 124 पम्प में से महज 2 में ही यह कैमरे लग सके हैं। शिवा पेट्रोल पम्प संचालक नरेश कुमार ने बताया कि अगर पेट्रोल देने से मना किया जाए तो वाहन चालक अभद्रता करने लगते हैं। आज पहला दिन है, ऐसे में वाहन चालकों को बताया जा रहा है कि बिना पीयूसी के पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही पम्प स्टेशन पर बैनर भी लगाए जाएंगे, ताकि लोग जागरूक हो सकें।