गाजियाबाद (युग करवट)। कहते हैं कि जहां राष्टï्र प्रेम होता है वो किसी भी उम्र का मोहताज नहीं होता। जी, हां शहर के सबसे पुराने परिवार जहां पांच दशक पहले केवल इसी परिवार की बदौलत आरएसएस की शाखाएं शुरू हुई और आपातकाल में भी देश के प्रति जेल जाने वाले संघ के पदाधिकारियों के लिए जो स्थान गाजियाबाद में था वो था स्व. मनमोहन गोयल का परिवार। ये परिवार आज भी उसी जज्बे के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। स्व. श्री मनमोहन गोयल की पत्नी श्रीमती पुष्पा रानी गोयल जिस तरह कई दशक पहले राष्टï्र के प्रति अपनी सेवाएं देती थी आज भी उनकी कविताओं में वही राष्टï्रप्रेम झलकता है। अभी हाल ही में एक दैनिक अखबार के कवि सम्मेलन कार्यक्रम में श्रीमती पुष्पा रानी गोयल ने कविता सुनाकर माहौल को राष्टï्रमय कर दिया। स्व. श्री मनमोहन गोयल के पुत्र उपेंद्र गोयल भी आज अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाए हुए हैं।