तीन विधानसभा प्रभारी किए घोषित
मेरठ (युग करवट)। आजाद समाज पार्टी कांशीराम ने 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा करके प्रदेश की राजनीति में गर्माहट ला दी है। मेरठ शहर, किठौर और मेरठ कैंट सीट पर घोषित प्रभारियों के नामों से स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ी है। खासकर मेरठ शहर और किठौर विधानसभा सीटों पर सपा खेमे में खलबली मची हुई है। आसपा के घोषित प्रभारी चुनाव में सपा उम्मीदवारों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। इससे सीधा फायदा भाजपा को होने की उम्मीद है। आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने किठौर, मेरठ शहर और मेरठ कैंट पर खास फोकस किया गया है। इन सीटों पर मजबूत चेहरों को प्रभारी बनाकर जातीय और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है जो मुख्यधारा की पार्टियों के चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। आसपा ने किठौर सीट पर बाबर चौहान खरदौनी, मेरठ कैंट पर संजीव पाल, मेरठ शहर पर बदर अली को प्रभारी बनाया है।
तीनों सीटों पर अलग-अलग समीकरणों के हिसाब से प्रभारियों का चयन करना स्पष्ट करता है कि आसपा इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल प्रतीकात्मक चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि हर सीट के मिजाज के मुताबिक मैदान में उतरेगी। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मेरठ की हस्तिनापुर सुरक्षित सीट से विधानसभा चुनाव लडऩे के संकेत दिए हैं। इससे हस्तिनापुर की राजनीति के समीकरण बदले-बदले नजर आ रहे हैं। यहां से भाजपा के दिनेश खटीक दो बार से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। सपा से प्रभुदयाल वाल्मीकि, योगेश वर्मा आदि की दावेदारी भी चल रही है। यदि हस्तिनापुर से चंद्रशेखर आजाद चुनाव लड़ते हैं तो मेरठ, बिजनौर के समीकरण बदल जाएंगे।