रामपुर में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
रामपुर (युग करवट)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह मुरादाबाद से रामपुर पहुंचे। शाहबाद में आयोजित जनसभा में उन्होंने करीब 690 करोड़ रुपये की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह परियोजनाएं मुख्य रूप से मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री के आगमन पर भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने रामपुर की सांस्कृतिक, धार्मिक और औद्योगिक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब भी वह रामपुर आते हैं तो यहां का मौसम शिमला जैसा सुहाना हो जाता है। उन्होंने कहा कि रामपुर की यह धरती भगवान महाकालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी जैसे आस्था केंद्रों से समृद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले का रामपुर और आज का रामपुर, दोनों की तस्वीर जनता के सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब यहां गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे। वाल्मीकि समाज के लोगों को उनकी जमीनों से जबरन वंचित कर दिया जाता था। उन्होंने कहा कि रामपुर से जो संदेश निकला, वह पूरे उत्तर प्रदेश में पहुंचा और समाजवादी पार्टी की निरंकुशता पर जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अंकुश लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उसी का परिणाम है कि रामपुर को नई पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी और किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर नहीं थे। उन्होंने कहा कि चाकू अगर गलत आदमी के हाथ में आ जाए तो वह डाका ही डालेगा। सपा ने रामपुर के चाकू का इस्तेमाल जमीन कबजाने के लिए किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी कोई सरकारी भर्ती निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी।
योगी ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में धांधली होती थी और न्यायालय को उस पर रोक लगानी पड़ती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकारों की निरंकुश नीतियों के कारण प्रदेश के पारंपरिक उद्योग बंद हो रहे थे। किसानों के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं थी, गरीबों के कल्याण की योजनाएं नहीं थीं और सडक़, पुल-पुलिया जैसे विकास कार्यों के लिए सरकार के पास धन नहीं होता था। मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, उस समय विकास केवल दो परिवारों का होता था-एक सैफई परिवार और दूसरा रामपुर का एक परिवार।
बाकी प्रदेश और रामपुर की जनता विकास से वंचित रहती थी। योगी ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, निवेश बढ़ा है, रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।