एलन और खान सर समेत 84 संस्थान सील
लखनऊ (युग करवट)। मानकों के विपरीत बनी एक अवैध व्यावसायिक इमारत में हुए अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत के बाद सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेशभर में असुरक्षित भवनों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। कोचिंग संस्थानों की विशेष रूप से जांच शुरू हो गई है। अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में 84 कोचिंग संस्थानों के भवन को सील किया गया है। इनमें एलन कोचिंग और खान सर कोचिंग जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इनमें कहीं अग्निसुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले तो कहीं मानक के विपरीत निर्माण व निकासी उचित व्यवस्था नहीं मिली। कई संस्थानों को नोटिस भी दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन से संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत पंजीकृत हैं और कौन बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं।अवैध पाए जाने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण होने भर से कोचिंग संस्थानों को राहत नहीं मिलेगी। पंजीकृत संस्थानों में भवन की मजबूती, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाओं की भी जांच होगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। शासनादेश के बाद प्रदेश के बड़े शहरों में टीमों ने जांच अभियान चलाकर ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई की। कानपुर विकास प्राधिकरण ने 48 इमारतें सील की हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने करीब 40 कोचिंग संस्थानों की जांच की। खान सर द्वारा संचालित खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान, खान आइएएस कोचिंग के साथ ही पितृ छाया कोचिंग को भी सील कर दिया। मुजफ्फरनगर में 10 कोचिंग सेंटर को सील किया गया है, जबकि सात को नोटिस जारी किए गए हैं।
सहारनपुर में छह कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं। बुलंदशहर में 11 कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया, खामियां मिलने पर 10 को नोटिस जारी किया गया है। मेरठ में 25 सेंटर का निरीक्षण किया, अभी कार्रवाई नहीं हुई है। बिजनौर, बागपत व शामली में भी अधिकारियों ने कोचिंग सेंटरों व अन्य भवनों का निरीक्षण किया।