नगर निगम भूमि खरीद के मामले में बड़ी कार्रवाई
दो आईएएस और दस पीसीएस पर गिरी गाज

हरिद्वार (युग करवट)। नगर निगम भूमि खरीद मामले में उत्तराखंड सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक आईएएस अधिकारी की बर्खास्तगी की संस्तुति की है। दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी समेत 12 अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी निलंबन और मेकदमें की कार्रवाई हुई है। 54 करोड़ रुपये की भूमि खरीद की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद धामी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ्रउत्तराखंड की नौकरशाही में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि एक भूमि खरीद मामले ने प्रशासनिक तंत्र की इतनी बड़ी परतें उधेड़ दी हों। करीब 14 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही भूमि को 54 करोड़ रुपये में खरीदने के आरोपों से यह मामला शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने जिस सख्ती के साथ कार्रवाई की है, उसने सचिवालय से लेकर जिलों तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया है कि सरकारी धन से जुड़े मामलों में अब लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सरकार ने तत्कालीन नगर आयुक्त और आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी के खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति की है। वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मेजर पनिशमेंट देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन सैलरी इनक्रीमेंट रोकने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही 10 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अप्रैल 2025 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा की गई एक भूमि खरीद अचानक सुर्खियों में आ गई।
आरोप लगा कि जिस जमीन की वास्तविक कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये के आसपास थी, उसे करीब 54 करोड़ रुपये में खरीद लिया गया। मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक सवाल उठने लगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन में सचिव रणवीर चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।