ग्रेटर नोएडा (युगकरवट)। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बीमित वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर बीमा कंपनी को मरम्मत खर्च का भुगतान करना होगा। सेक्टर-6 निवासी शिव सिंह ने अप्रैल 2014 में अपनी बाइक का बीमा इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस से कराया था। इसी दौरान एक सडक़ हादसे में बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और शिव सिंह घायल हो गए। उन्होंने बाइक मरम्मत में 19,500 और इलाज में 10,500 खर्च होने का दावा करते हुए बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी के सर्वेयर ने नुकसान का आकलन 11,133 किया और 20 फीसदी कटौती की शर्त रखी, जिस पर परिवादी ने सहमति दे दी। इसके बावजूद कंपनी ने क्लेम का निपटारा नहीं किया, जिससे परेशान होकर पीडि़त ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी कि वाहन मालिक ने मरम्मत के मूल बिल और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, इसलिए भुगतान नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि वादी ने मरम्मत से जुड़े पक्के बिल पेश नहीं किए हैं। हालांकि, चूंकि बीमा कंपनी के सर्वेयर ने खुद नुकसान का आकलन 11,133 किया था, इसलिए कंपनी इस उत्तरदायित्व से बच नहीं सकती।
आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 11,133 की राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर वाहन मालिक को करे।