गाजियाबाद (युग करवट)। समाजसेवी जेपी कश्यप का कहना है कि सिर्फ पांच मुद्दों पर सहमति बनाने से विपक्ष का काम चलने वाला नहीं है। सडक़ पर संघर्ष करने के साथ-साथ मजबूत लोकतंत्र और सशक्त विकल्प के लिए इंडिया गठबंधन द्वारा स्पष्ट नेतृत्व की घोषणा समय की मांग है। देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावों को देखते हुए, विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन को अब एक ठोस और ऐतिहासिक निर्णय लेने की आवश्यकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता न केवल नीतियों पर, बल्कि एक स्पष्ट, दूरदर्शी और सर्वमान्य नेतृत्व पर भी अपना भरोसा जताती है। इसलिए, गठबंधन के सभी शीर्ष नेताओं को मिलकर जल्द से जल्द अपने नेता की घोषणा करनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता का यह स्पष्ट मानना है कि बिना एक केंद्रीय चेहरे के, किसी भी बड़े गठबंधन का संदेश मतदाताओं तक पूरी स्पष्टता से नहीं पहुंच पाता है। सीट-शेयरिंग और क्षेत्रीय समीकरणों से आगे बढक़र, अब एक साझा नेतृत्व तय करने का समय आ गया है ताकि देश के सामने एक मजबूत और स्थिर राष्ट्रीय विकल्प प्रस्तुत किया जा सके। मतदाता एक ऐसे चेहरे को देखना चाहते हैं जो गठबंधन की सामूहिक शक्ति का प्रतिनिधित्व कर सके। नेतृत्व की स्पष्ट घोषणा से जनता के बीच गठबंधन की विश्वसनीयता कई गुना बढ़ जाएगी। जेपी कश्यप ने कहा कि एक सर्वमान्य नेता का चुनाव गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान, विरोधाभासी बयानों और हाल ही में कुछ दलों के अलग होने जैसी असमंजस की स्थितियों पर पूरी तरह विराम लगाएगा।