बदलती राजनीतिक तस्वीर
इंडिया गठबंधन की बैठक नई दिल्ली में आज हुई। बैठक में 23 विपक्षी दलों के लोग शामिल हुए। एक बार फिर ये बताने की कोशिश की गई कि हम सब एक हैं। दरअसल, एक जमाने में इंडिया गठबंधन की एक बड़ी धाक थी। पश्चिम बंगाल चुनाव हारने के बाद एक तरह से कुनबा बिखर रहा है। लोग अब कहने लगे कि ये एक तरह से जैसे शोले फिल्म में ठाकुर ने फौज बनाई थी वो ठीक उसी तरह है। दरअसल, भले ही एकता दिखाने की कोशिश की जा रही हो लेकिन हाथ मिल रहे हैं दिल नहीं मिल रहे हैं। सबसे ज्यादा लोग कांगे्रस को लेकर निशाना बना रहे हैं। कई चुनाव हारने के बाद भी कांगे्रस अभी तक कोई सबक नहीं ले रही है। लोग कह रहे हैं कि कांगे्रस के साथ जो लोग भी हैं वो ठाकुर की फौज ही है। कांगे्रस के सूत्रों पर भरोसा करें तो ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का विलय कांगे्रस में कराने का मंथन चल रहा है। दरअसल, टीएमसी की हालत ऐसी हो गई है कि वो राष्टï्रीय पार्टी से क्षेत्रीय पार्टी भी रह पाएगी या नहीं ये भी बड़ा सवाल है। पहले विधायकों में टूट हुई है और अलग गुट बनाकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गये। अब सांसदों की भी स्थिति ठीक नहीं दिखाई दे रही है। ममता बनर्जी ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनकी पार्टी का ये हाल होगा। दरअसल, अहंकार कभी भी किसी का नहीं रहा है। ये बात सभी को समझ लेना चाहिए। वक्त से बड़ा कोई बलवान नहीं है। ये बात भी सभी को समझना चाहिए। कांगे्रस और टीएमसी के बीच छत्तीस का आंकड़ा था आज वही टीएमसी कांगे्रस की जय-जयकार कर रही है। वहीं बंगाल में जिस जहांगीर खान का मकान आईपीएस अजय पाल शर्मा ढूंढ रहे थे उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ममता के कई खास लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया। क्रिकेट के मैदान से राजनीति में आये यूसूफ पठान भी अब बदले-बदले नजर आ रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के लिए सीट छोडऩे से इनकार कर दिया। जाहिर है कि आज जो कुछ दिखाई दे रहा है वही असली स‘चाई है। बहरहाल, आज की इंडिया गठबंधन की बैठक दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। जय हिंद