विधानसभा चुनाव २०२७
भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल की जो रफ्तार है उससे २०२७ विधानसभा चुनाव का सपना देखने वाले कई दावेदार परेशान हैं। दरअसल, मयंक गोयल को जब से महानगर की कमान दी गई है जिस तरह उन्होंने संगठन को मजबूत किया, नई टीम बनाई और उनके नेतृत्व में जितने सफल कार्यक्रम हुए उसको देखकर विधानसभा चुनाव २०२७ का चुनाव लडऩे की दावेदारी करने वाले परेशान हैं। दरअसल, चर्चा ये है कि सदर सीट से इस बार वैश्य समाज के उम्मीदवार को भी भाजपा मैदान में उतारेगी। वर्तमान में संजीव शर्मा इस सीट से विधायक हैं, हालांकि उन्होंने भी जिस तरह लोगों के बीच पैठ बनाई है और एक लंबी लकीर खींची है उसे पार करना भी आसान नहीं है लेकिन हो सकता है पार्टी उन्हें कहीं ओर से टिकट दे दे। शहर सीट पर हर बार की तरह इस बार भी वैश्य ही उम्मीदवार बन सकता है। मयंक गोयल ने कोई दावेदारी नहीं की है लेकिन उनकी रफ्तार को पार करना अन्य दावेदारों के लिए आसान नहीं है। वहीं एक और मजबूत वैश्य समाज से संबंध रखने वाले पवन गोयल बहुत ही कछुआ चाल चल रहे हैं। और अगर मयंक गोयल रफ़्तार में पीछे रहे तो पवन गोयल ही जोर का झटका धीरे से दे सकते हैं। पवन गोयल की एक साफ-सुथरी छवि है, हाईकमान से सीधा संपर्क है हालांकि उनके कुछ अपने ही रोड़ा अटका देते हैं, हो सकता है अब वो रोड़ा ना बनें। बहरहाल मयंक की रफ्तार जारी है और ये रफ्तार और बढ़ेगी ऐसी संभावना है। जय हिंद