महामहिम का जन्मदिन
२०१४ में गाजियाबाद के लोगों से जो दिल का रिश्ता बतौर सांसद जनरल वीके सिंह ने निभाना शुरू किया था वो आज तक बरकरार है और आगे भी बरकरार रहेगा क्योंकि जनरल साहब ने अपनी रिहाइश भी यही बना ली है। बहुत लोगों को इस बात का अंदाजा था कि टिकट कटने के बाद शायद जनरल साहब का रिश्ता गाजियाबाद से खत्म हो जाएगा। लेकिन जनरल साहब ने खुद एवं उनके परिवार ने यही कहा था कि गाजियाबाद से जो रिश्ता बना है वो अटूट है और ये बात अब सही साबित हो रही है। कोई भी धार्मिक पर्व हो या जनरल वीके सिंह का जन्मदिन हो वो ये आयोजन गाजियाबाद के लोगों के साथ ही मनाते हैं। न जाने कितने ऐसे लोग जो चुनाव हारने के बाद या टिकट कटने के बाद लोगों से दूर हो जाते हैं। मगर वीके सिंह ने ये अहसास करा दिया कि गाजियाबाद के लोगों से उनका सियासी रिश्ता नहीं था बल्कि अपनेपन का रिश्ता था जो हमेशा रहेगा। तीसरी आंख ने देखा कि राजनीति में बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो एक बार पटरी से हट जाएं तो फिर लोग उनके बारे में चर्चाएं शुरू कर देते हैं। लेकिन वीके सिंह का कद राजनीति में आने से पहले भी बहुत ऊंचा था और आज वो सांसद भी नहीं है लेकिन जो उनका कद है आज भी सबसे ऊंचा है। जाहिर है कि ये सबकुछ पहले से तय होता है और किसके नसीब में यश और इज्जत होती है उसे कोई कम नहीं कर सकता। मैं कई बार ये शेर लिख चुका हूं जो वीके सिंह पर सटीक बैठता है-
‘समंदर कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ, दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है।’
कल वीके सिंह का जन्मदिन है। हर बार की तरह वो अपना जन्मदिन गाजियाबाद के लोगों के साथ मनाने के लिए कल अपने निवासी 2/२७ राजनगर पर आ रहे हैं। उनके निजी सचिव कुलदीप सिंह चौहान ने लोगों को इसकी जानकारी दी है। दरअसल, कुलदीप सिंह चौहान भी गाजियाबाद के लोगों से बराबर टच में रहते हैं। सांसद रहते हुए भी कुलदीप सिंह चौहान की वजह से कभी इस शहर के लोगों को नहीं लगा कि वीके सिंह दिल्ली रहते हैं। उनकी मौजूदगी हमेशा रही। अब देखना है कि कल कौन राजनीतिक व्यक्ति दिल बड़ा करेगा और वीके सिंह को बधाई देने जाएगा। शहर तो पहले से ही उनके आगमन के इंतजार में है। कुछ ऐसे जनप्रतिनिधि भी है जिनकी दूरियां हैं अब देखना है कि ये दूरियां जन्मदिन की मुबारकबाद के साथ दूर होगी या और बढ़ेगी। वैसे राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को सोचना चाहिए। क्योंकि राजनीति में तो आना जाना लगा रहता है लेकिन रिश्ते हमेशा मजबूत रहना चाहिए। जय हिंद