बुधवार के युग करवट के अंक में प्रकाशित इस कॉलम में मैंने सवाल उठाया था कि क्या नगर निगम के हाउस टैक्स का मामला निपट गया है? इस पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पूर्व पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को जारी कर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने जो बातें कहीं हैं उनका पालन गाजियाबाद नगर निगम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद की जनता को गुमराह किया गया है। नगर निगम द्वारा दी गई राहत आंशिक है। संपूर्ण रोल बैक नहीं हुआ है। पूर्व पार्षद हिमांशु लव ने तो विरोध स्वरूप एक कार्टून जारी कर दिया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि भैंस के आगे बीन बजाता हुआ करदाता। इसमें बढ़े हुए टैक्स को भैंस के रूप में दिखाया गया है जबकि पूर्व पार्षद राजेन्द्र त्यागी उसके आगे बैठकर बीन बजा रहे हैं। इसमें सवाल भी किया गया है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी बढ़ा हुआ टैक्स वापस क्यों नहीं लिया गया? मुख्यमंत्री बड़े हैं या नगर आयुक्त? नगर निगम गाजियाबाद आखिर जनता की आवाज कब सुनेगा। इसमें मांग की गई है कि बढ़ा हुआ टैक्स तुरंत वापस लो। इसी तरह व्यापारी नेता अवधेश शर्मा की भी प्रतिक्रिया आई। उनका कहना है कि नगर निगम कुछ भी स्पष्टï नहीं कर रहा है। अभी नगर निगम में टैक्स अपडेट नहीं हो पाया है। जब वह अपडेट हो जाएगा तभी स्थिति साफ हो पाएगी। उनका यह भी कहना है कि 12 प्रतिशत ब्याज माफ करने की बात भी सार्थक नहीं लगती। क्योंकि नियमानुसार ऐसा होना संभव दिखता ही नहीं है। यह नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में है ही नहीं। इसके अलावा भी बहुत से लोगों सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दीं हैं। लोग चाहते हैं टैक्स पुरानी दरो से ही वसूला जाना चाहिए। ज्यादतर लोगों का यह भी कहना है कि जब तक तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती तब तक वह टैक्स जमा करेंगे ही नहीं।