गाजियाबाद कमिश्नरेट ने दो गज पीछे अभियान चलाया। इस अभियान का नाम जितना आकर्षक है उतना ही इसका महत्व भी है। क्योंकि दो गज पीछे अभियान सडक़ों को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए चलाया गया। इस बात से सभी वाकिफ हैं, ऑटो, रिक्शा, ठेली, पटरी आदि की वजह से सडक़ों पर यातायात प्रभावित रहता है। वाहन ही नहीं पैदल यात्रियों को भी बड़ी परेशानी होती है। गाजियाबाद में शायद ही कोई ऐसी सडक़ होगी जिसके फुटपाथ पर दुकान ना लगी हों। नगर निगम, नगर पालिका आदि संस्थाएं अतिक्रमण के विरुद्घ कार्रवाई करती रहती हैं, मगर फिर भी उनका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आता। क्योंकि आज अतिक्रमण हटाया जाता है और कल फिर कब्जाधारी आ जाते हैं। अधिकारी कितनी ही बार अतिक्रमण को लेकर अभियान की घोषणा करते हैं, मगर नतीजा शून्य ही रहता है। ऐसे अभियानों में पुलिस का सहयोग भी लिया जाता रहा है। मगर अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई देखी नहीं जाती। ऐसे में खुद पुलिस द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने दो गज पीछे अभियान चलाकर ठेली, पटरी वालों को सडक़ से पीछे हट जाने के लिए प्रेरित किया। अभियान चलाकर उसके फोटो आदि पोस्ट किए गए ताकि लोगों को अभियान की सफलता का पता चल सके। इसका एक उदे्दश्य यह भी रहा कि लोग खुद से जागरुक हों और सडक़ को खाली छोड़ दें। अब इस अभियान को लेकर आंकलन करने का समय आ गया है। यह आंकलन भी पुलिस खुद ही करें और बताए कि अभियान कितना सफल रहा है। लोग भी बताएं कि उनको कहां कहां सडक़ें अतिक्रमण मुक्त मिलीं हैं।