नेशनल सिक्योरिटी समिट-2.० मे बताया 2029 तक 50 हजार करोड़ होगा रक्षा निर्यात
नई दिल्ली (युग करवट)। नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, देश की सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और डीआरडीओ प्रमुख सरीखे लोग शामिल हुए। सम्मलेन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी इच्छा और शर्तों पर रोकने का फैसला किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय देश लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार था और किसी भी परिस्थिति से निपटने की क्षमता रखता था। दिल्ली में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया और कहा कि आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है
इस सम्मेलन में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को विश्वास जताया कि भारत 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात लक्ष्य को आसानी से पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि देश इस क्षेत्र में तीव्र वृद्धि पथ पर है। पिछले साल 38,000 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष से 61 फीसदी अधिक है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत को अपनी पारंपरिक मिसाइल क्षमताओं का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है। यह पश्चिम एशिया के संघर्षों और पाकिस्तान की सैन्य स्थिति के कारण आवश्यक है। राष्ट्रीय राजधानी में एएनआई राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में उन्होंने उन्नत हथियार, मजबूत वायु रक्षा प्रणालियों और त्वरित खरीद के महत्व पर जोर दिया। डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामथ ने घातक यूसीएवी को स्टील्थ लड़ाकू विमान जैसा बताया। रक्षा खरीद बोर्ड ने लगभग 67 ऐसे सिस्टम शामिल करने का प्रस्ताव मंजूर किया।