किसी भी दूसरे शहर की तरह ही गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा टै्रफिक पुलिस विभाग है। क्योंकि जिस तरह से अपराध को नियंत्रित करना पुलिस का काम है उसी तरह से यातायात को संभालना ट्रैफिक पुलिस का काम है। कहीं यातायात जाम ना होने पाए यह जिम्मेदारी भी ट्रैफिक पुलिस की ही है। गाजियाबाद टै्रफिक पुलिस के अधिकारी समय-समय पर बड़े-बड़े दावे करते हैं। मगर जरूरत के समय यह दावे कागजी साबित हो जाते हैं। परिणाम यह होता है कि पब्लिक को इसका दंड जाम के रूप में भुगतना पड़ता है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने कुछ समय पहले होटल, बैंक्वेट, फार्म हाउस आदि के संचालकों व प्रबंधकों के साथ बैठक की थी। इसमें हिदायत दी गई थी कि उनके समारोह स्थलों के सामने जाम ना लगने पाए। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया था कि यदि ऐसा पाया गया तो जाम का कारण बनने वाले वाहनों का चालान किया जाएगा और बैंक्वेट हाल, फार्म हाउस व होटल आदि पर भी कार्रवाई की जाएगी। हम और सभी जानते हैं कि शादी का सीजन शुरू हो चला है। ऐसे में गाजियाबाद के लोग बताएं कि वह कितनी बार और कहां-कहां शादी समारोह की वजह से यातायात जाम में फंसे हैं। यह भी बताएं कि उन्होंने कितनी बार इसकी शिकायत टै्रफिक पुलिस से की है। यह भी बताएं कि किस किसकी शिकायत पर ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की है। मेरा सवाल टै्रफिक पुलिस के अधिकारियों से भी है कि आप भी अपनी कार्रवाई सार्वजनिक करें। ताकि जनता को भी पता चले कि गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस अपने दावों पर कितना खरा उतरती है। गाजियाबाद टै्रफिक पुलिस यह भी बताए कि उसने जाम के कारण बने कितने वाहनों के चालान किए और कितने बैक्वट हाल या फार्म हाउस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। क्योंकि सडक़ पर निकलने वाले सभी वाहन चालक जानते हैं कि उन्हें किसी बैक्वट हाल के सामने से निकलने में कितना कष्ट उठाना पड़ता है।