ग्रेटर नोएडा (युग करवट) । थाना बिसरख पुलिस द्वारा एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के विरोध में जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता सम्मान बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में भारी संख्या में एडवोकेट गुरुवार को अधिक्ता चौक पर एकत्र हुए। इस दौरान समिति के अध्यक्ष अनिल भाटी ने अधिक्ताओं के विचार लिए। विचार के बाद समिति के अध्यक्ष अनिल भाटी के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति का एक प्रतिनिधिमंडल डीसीपी सेेन्ट्रल शक्ति मोहन अवस्थी से मिलने गया। सात सदस्य समिति में उमेश भाटी एडवोकेट पूर्व अध्यक्ष, अनिल भाटी एडवोकेट, नीरज भाटी एडवोकेट, अजित नागर एडवोकेट, पूर्व सचिव शमशाद अली एडवोकेट, अय्यूब खान एडवोकेट, हिमांशु चौधरी एडवोकेट शामिल थे। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता सम्मान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा की गई वार्ता में डीसीपी ने दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्यावाही करने का आश्वासन दिया गया। जिस पर अधिवक्ताओं ने डीसीपी पर विश्वास जताते हुए आन्दोलन को स्थगित कर दिया। समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि कठोर कार्यवाही नहीं की जायेगी तो आन्दोलन को पुन: शुरू किया जायेगा। अध्यक्ष अनिल भाटी ने बताया कि डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी के आश्वासन पर धरने को स्थगित किया गया है। बता दें कि बिसरख पुलिस द्वारा अधिवक्ता फरीद अहमद के साथ की गई मारपीट और बदसलूकी के विरोध में वकीलों में नाराजगी है। अधिवक्ता फरीद अहमद सूरजपुर न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं। बीते शनिवार की रात बिसरख पुलिस किसी मामले में फरीद अहमद के भाई की तलाश में उनके घर पहुंची थी। भाई के न मिलने पर पुलिस कथित तौर पर अधिक्ता फरीद अहमद को ही जबरन उठाकर थाने ले गई। पीडि़त का आरोप है कि उन्हें रात भर थाने में बंद रखा गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके शरीर पर चोट के गंभीर निशान आए हैं।