५२ साल से नीतीश के साथ रहने वाले पूर्व सांसद केसी त्यागी का छलका दर्द
गाजियाबाद (युग करवट)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ५२ साल से जुड़े पूर्व सांसद केसी त्यागी का दर्द छलक पड़ा है। एक चैनल के साथ बातचीत में केसी त्यागी ने कहा कि बिहार में बहुमत नीतीश कुमार की वजह से ही मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें ये कहने कोई गुरेज नहीं है कि नीतीश कुमार के साथ ज्यादती हुई है। बिहार के लोग उदास हैं, घरों में खाना नहीं बन रहा है, कोई स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि नीतीश कुमार बिहार छोडक़र जा रहे हैं। उन्होंने ये कहा कि अगर मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को प्रोजेक्ट नहीं किये होते तो बिहार में स्पष्टï बहुमत नहीं आता। केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार जैसा ना कोई हुआ और ना ही कोई होगा। पूर्व सांसद केसी त्यागी ने कहा कि आज तक कोई भी आरोप नीतीश कुमार पर नहीं लगा। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा पर वो कोई विश्वासघात का आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन उनके ज्यादती हुई है। उन्होंने कहा कि आज कार्यकर्ताओं की भीड़ किसी दल के पास नहीं है। उन्हें ये कहने में कोई हरज नहीं है कि भाजपा के पास आज कार्यकर्ताओं की लंबी फौज है। उन्होंने ये जरूर कहा कि यूपी में अखिलेश यादव ने जरूर कार्यकर्ताओं को तैयार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नये कार्यकर्ता पैदा कर रही है बाकी कांगे्रस के पास कोई कार्यकर्ता नहीं है। केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार अपने आप में एक बहुत मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के अंदर कोई भी ऐब नहीं था बीडी सिगरेट शराब सबसे वो दूर थे। हां, कभी-कभी वो चुपके से तंबाकू (सुरती) जरूर ले लिया करते थे। उन्होंने बताया कि 77 में चुनाव लड़ा वो हार गये, 80 में चुनाव लड़ा वो हार गये और फिर वो 84 में विधायक बने। १९८७ में कर्पूरी ठाकुर जी का निधन हो जाता है। उन्होंने बताया कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के लिए सबसे पहले आवाज उठाई थी और हम लोग जब कर्पूरी ठाकुर जी के गांव में मौजूद थे तब उन्होंने केंद्र सरकार उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि कांगे्रस सरकार और नरेंद्र मोदी की सरकार में बहुत बुनियादी महसूस किया। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल राजनीति में बहुत बड़ा नाम थे लेकिन उन्हें भारत रत्न नहीं मिला था। चंद्रशेखर जी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन्हें भारत रत्न दिया गया। केसी त्यागी ने बताया कि मोदी जी और नीतीश कुमार में कटुता भी रही तब एक कार्यक्रम में मंच पर मोदी जी नीतीश कुमार का हाथ पकडक़र ले गये ये अपने आप में एक अच्छी बात मानी जाती है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार कभी कभी दिल से भी राजनीति करते थे। उन्होंने बताया कि जब वो दिल से राजनीति करते थे तो सिद्घांत पीछे चले जाते थे इसलिए वो लालू यादव के साथ भी चले जाते थे। जब असहज महसूस करते थे तो फिर वो वापस आ जाते थे। नीतीश कुमार को पलटूराम के नाम से याद करने के सवाल पर केसी त्यागी ने कहा कि जब आदमी मन से राजनीति करता है तो फिर वो विचार भी पीछे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि विचार के सवाल पर भी वो कभी समझौता नहीं करते थे। लंबी बातचीत में केसी त्यागी ने नीतीश कुमार एक बहुत ही सुलझा हुआ नेता बताया कि लेकिन कहीं भी भाजपा को सीधे तौर पर निशाने पर नहीं लिया। उन्होंने विश्वासघात वाली बात भी बहुत अच्छे तरीके से घुमा दी।