इजराइल/भारत (युग करवट)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की सोच स्पष्ट है कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। गाजा शांति पहल से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने भी इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ हम संवाद और सहयोग जारी रखेंगे। मेरे प्रिय दोस्तों, आपकी आत्मीयता और गर्मजोशी ने मेरी यात्रा को यादगार बना दिया है।
आप सभी लोगों से जो प्यार मिला है, उसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद प्रकट करता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि इनोवेटर्स को जोडऩा हमारी मुख्य प्राथमिकता रही है। भारत-इजराइल, यूएई और अमेरिका के साथ नई गति के साथ आगे बढ़ेंगे। भारत-इजराइल एक साथ संकल्पित हैं कि हम आतंकवाद का विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे। पश्चिम एशिया में शांति और अस्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसीलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण ढंग का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग तकनीकी साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे एआई, क्वांटम और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलेगी। इस्राइल में यूपीआई के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है। पिछले वर्ष हुए समझौतों से इसमें नए आयाम जुड़ेंगे। हम मिलकर जॉइन डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इसके लावा सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस में भी हम कदम आगे बढ़ाएंगे। दोनों देश अब कृषि को भी फ्यूचरिस्टिक दिशा देने जा रहे हैं। भारत में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को 100 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।