लखनऊ (युग करवट)। यौन शोषण मामले में कोर्ट के आदेश के बाद अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विरुद्ध शिकायत करने वाला व्यक्ति स्वयं एक हिस्ट्रीशीटर है, जिसका नाम कई आपराधिक मामलों में दर्ज है।
अब इस पूरे मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायालय पर उन्हें पूरा यकीन है और मैं न्यायालय के आदेश का सम्मान करता हूं। यह उचित है। मामला दर्ज होने पर ही जांच और गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होगी। तभी हमारे खिलाफ दायर झूठे मामले की सच्चाई सबके सामने आएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सकेगी। इसलिए यह आवश्यक है। हम केवल इतना कहना चाहेंगे कि अदालत को इस मामले में अधिक समय लिए बिना तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि बहुत से लोग इस मामले को देख रहे हैं। गवाही दर्ज की जानी चाहिए और जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए। जो गलत है वह गलत ही रहेगा और दायर किया गया झूठा मामला अंतत: झूठा ही साबित होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विरुद्ध शिकायत करने वाला व्यक्ति स्वयं एक हिस्ट्रीशीटर है, जिसका नाम कई आपराधिक मामलों में दर्ज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शामली जिले के संबंधित थाने की दीवार पर अपराधियों की सूची में उस व्यक्ति का नाम अंकित है।
ऐसा दागी व्यक्ति अचानक जगतगुरु रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है। शंकराचार्य ने आगे कहा, ‘हम उन लोगों में से नहीं हैं जो अपने ऊपर लगे आरोपों या मुकदमों को हटवा लें।’