लखनऊ (युग करवट)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रत्येक जनपद में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित करने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह जोन ऐसा समेकित केंद्र होगा, जहां कोई भी युवा आए उसे उसकी क्षमता के अनुसार कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलेगा और उसी के अनुरूप रोजगार या स्वरोजगार की तैयारी भी कराई जाएगी। प्रत्येक जोन पर लगभग 50 से 100 करोड़ रुपये तक व्यय किया जाएगा। इसके लिए लगभग 100 एकड़ भूमि, जो जनपद मुख्यालय से अत्यधिक दूर न हो, उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना के लिए भी प्रावधान किया गया है। ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ की अवधारणा के तहत प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मेरठ की रेवड़ी और गजक, हाथरस की हींग, हापुड़ के पापड़, प्रयागराज के अमरूद, बलिया का हलवा और जौनपुर की इमरती जैसे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाई जाएगी। इसके अलावा वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना को महिला उद्यमिता सशक्तिकरण से भी जोड़ा जाएगा। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और महिला सशक्तिकरण इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को रोजगार और उद्यमिता का सशक्त मॉडल बनाया जा रहा है। बजट 2026-27 इसी समेकित विकास दृष्टि को आगे बढ़ाने वाला है।