रामलीला कमेटी कविनगर के पूर्व अध्यक्ष ललित जायसवाल का खुलासा
गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर की रामलीला कमेटी को लेकर खूब विवाद चल रहा है। कमेटी द्वारा खूब चर्चा किये जाने का भी आरोप लगातार लगता रहा है। कई साल पहले एक करोड़ रुपया कमेटी की तरफ से वरदान अस्पताल को दिया गया था। इसको लेकर भी खूब चर्चाएं गरम रही थीं। अभी हाल ही में युग करवट में छपी एक खबर में इसका उल्लेख किया गया था।
इस संबंध में रामलीला कमेटी कविनगर के पूर्व अध्यक्ष ललित जायसवाल ने एक बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि एक करोड़ रुपया ऋण के तौर पर वरदान अस्पताल को दिया गया था और ये बकाएदा कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। क्योंकि कमेटी के पास पैसा था और वरदान अस्पताल को जनता की सेवा के लिए मशीन खरीदने के लिए आवश्यकता था, इसलिए कर्ज के तौर पर एक करोड़ रुपया दिया गया। उनका कहना था कि इस प्रस्ताव को लेकर जो मीटिंग हुई थी वो इस बैठक में नहीं थे और उसकी अध्यक्षता भी उन्होंने नहीं की थी। कमेटी के तमाम जिम्मेदार लोग थे। ललित जायसवाल ने बताया कि उस समय चुनाव का माहौल था और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी। मीडिया में भी ये खबरे आईं। उन्होंने बताया कि उसी समय उन्होंने अपने पास से ब्याज सहित एक करोड़ रुपया कमेटी में जमा करा दिया। उन्होंने कहा कि भले ही वो बैठक में नहीं थे चूंकि वो रामलीला कमेटी के अध्यक्ष थे इसलिए उन्होंने ये अपनी जिम्मेदारी समझी। ललित जायसवाल ने बताया कि कमेटी की तरफ से कोई भी पैसा वरदान को नहीं दिया गया ये उनका व्यक्तिगत दान रहा। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में एक पैसे का भी कोई दुरुपयोग नहीं हुआ और जो लोग ये कह रहे हैं कि वारदान को पैसा गया था, ये बिल्कुल गलत है। वो मेरा व्यक्तिगत दान था और इसका पूरा रिकॉर्ड आज मौजूद है। उनका कहना है कि कहने वाले कुछ भी कहते रहे लेकिन जो हकीकत है उसे कोई नहीं झुठला सकता। उन्होंने कहा कि वो कभी किसी चीज का खंडन नहीं करते क्योंकि यह मामला एक धार्मिक संस्था से जुड़ा है इसलिए वो अपनी बात रख रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि वो अभी कमेटी में नहीं हैं। उन्होंने काफी समय पहले इस्तीफा दे दिया है और आज भी लोग बेवजह उनका नाम लेते हैं। जबकि उनका कोई मतलब नहीं है।
कमेटी के पैसे से लड़ी जा रही है लड़ाई
गाजियाबाद। कविनगर रामलीला को लेकर मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि अभी हाल ही में मदन स्वीट्स पर कविनगर रामलीला कमेटी की मौजूदा बैठक हुई। जिसमें कई मुद्दों पर विचार हुआ, जिसमें कानूनी लड़ाई के लिए धन रिलीज किये जाने पर चर्चा हुई।