आज ही के दिन १२ अगस्त २००७ को आप ही के प्यार और स्नेह के साथ तालियों की गडग़ढ़ाहट के साथ युग करवट का दैनिक के रूप में जन्म हुआ था। हालांकि अगर अतीत के बात करें तो छह दशक पहले युग करवट लोगों के बीच आ चुका था। छह दशक पहले साप्ताहिक के रूप में युग करवट ने जो स्थान बनाया था। दैनिक के रूप में १९ साल तक हमारा भी यही प्रयास रहा कि हम आपकी उम्मीदों पर खरा उतरें। आज बड़ा हर्ष का विषय है कि आपका युग करवट आज एक मजबूत आयु के साथ यानि २०वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। पहले दिन से जो आपका प्यार मिला वो आज भी कायम है और यही युग करवट की ताकत है। हमने भी कभी १९ वर्ष में अपने उसू्रलों से कोई समझौता नहीं किया। बदलते माहौल में भी हमने पत्रकारिता के मापदंडों को पूरा किया। हम पहले दिन से ही जनता की आवाज थे और आज तक जनता की आवाज ही हैं। आप ही की ताकत की बदौलत युग करवट गाजियाबाद के अलावा एनसीआर के साथ-साथ अन्य जनपदों में लोगों की पहली पसंद बना। ये सबकुछ पाठकों के प्यार और भरोसे के बल पर ही हो पाया है। आज २०वें वर्ष में प्रवेश करते हुए बहुत ही खुशी महसूस हो रही है और आज फिर आपसे युग करवट परिवार इस बात का भरोसा दिलाता है कि आपने आज से १९ साल पहले जो भरोसा किया था आगे भी हम हमेशा इसी भरोसे को कायम रखेंगे। हमारा प्रयास रहा है कि हम हमेशा जनता, शासन, प्रशासन और राजनेताओं के बीच सेतू का काम करें और इस प्रयास में आपके सहयोग से हम काफी सफल भी रहे हैं। दरअसल अखबार की ताकत पाठकों का भरोसा होता है और पाठक जिस पर भरोसा करते हैं फिर उसे आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता और ये प्रमाण के रूप में युग करवट आपके सामने है। युग करवट परिवार हमेशा आपकी उम्मीदों पर, आपके भरोसे पर खरा उतरेगा। हम आपको एक बार फिर इसका भरोसा दिलाते हैं। आपका प्यार इसी तरह युग करवट परिवार पर बना रहे। हम आपसे यही उम्मीद करते हैं। आप इसी तरह अपना प्यार और स्नेह युग करवट के साथ बनाए रखें। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और यही हमें आज के दिन का हमारे लिए एक बड़ा तोहफा है। जय हिन्द