टाइगर पर फायरिंग मामला
नई दिल्ली (युग करवट)। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पंजाब के अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हथियार उठाए थे। इसके लिए डेड लेटर बॉक्स नाम के तरीके का इस्तेमाल किया गया था। दो आरोपी कुणाल और सुमित करीब दो हफ्ते पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। उन्हें हथियार रखे होने की जगह के बारे में अनिल पंडित ने पहले ही बता दिया था। अनिल पंडित एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल के संपर्क में था। डेड लेटर बॉक्स एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी सामान को पहले से तय जगह पर रख दिया जाता है। इसके बाद दूसरा व्यक्ति वहां पहुंचकर सामान उठा लेता है। इस दौरान सामान रखने और लेने वाले लोगों को एक-दूसरे से मिलने की जरूरत नहीं होती। कुणाल और सुमित को भी यह नहीं पता था कि अमृतसर में हथियार किसने रखे थे। सूत्रों ने बताया कि अनिल पंडित ने इस काम के लिए आरोपियों को करीब 70 से 80 हजार रुपए दिए थे। इनमें से करीब 10 से 12 हजार रुपए दो महिलाओं बबीता और राधा को दिए गए थे। इन दोनों महिलाओं को हथियार मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कुणाल के कहने पर ही राधा, बबीता के साथ मुंबई गई थी।