नई दिल्ली (युग करवट)। दिल्ली में गीत, संगीत और साहित्य की एक यादगार शाम देखने को मिली। मौका था हिंदी के प्रख्यात कवि एवं पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ की अमर रचनाओं को याद करने का। ‘कारवां गीतों का नीरज’ कार्यक्रम के जरिए नीरज की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय समेत साहित्य, कला और सिनेमा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कारवां गीतों का… नीरज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल द्वारा डासना अधिशाषी अधिकारी महेश प्रताप श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। कंस्यूटिटूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा के राष्टï्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में देश के 5 अधिकारियों क्रमश: आईएएस पुनीत कुमार पवन कुमार, मनोज द्विवेदी, आलोक यादव, रिटायर्ड आईपीएस शैलेश यादव आदि को सम्मानित किया गया।
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट और सोनवी इवेंट्स मुंबई के संयक्त तत्वावधान में आयोजित कारवां गीतों का नीरज कार्यक्रम में नीरज के लोकप्रिय गीतों और कविताओं की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, सीएमडी उपेंद्र राय समेत साहित्य, कला और सिनेमा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गोपाल दास ‘नीरज’ हिंदी साहित्य का वह नाम हैं, जिन्होंने कविता को आम लोगों तक पहुंचाने का काम किया। उनकी रचनाएं किताबों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि गीतों के रूप में करोड़ों लोगों के दिलों तक पहुंचीं। उन्होंने साहित्य और सिनेमा के बीच एक ऐसा पुल बनाया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान ‘कारवां गुजर गया’, ‘फूलों के रंग से’ और ‘ए भाई जरा देख के चलो’ जैसे कालजयी गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को भावुक बना दिया। इन गीतों ने एक बार फिर साबित किया कि नीरज के शब्द समय की सीमाओं से परे हैं और आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने अपने दौर में थे। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि यह केवल गीत-संगीत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस महान कवि को याद करने का अवसर है, जिसने हिंदी के शब्दों को ऐसी आवाज दी जो पीढय़िों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।
उन्होंने कहा कि नीरज के गीतों और विचारों के इस कारवां को आगे बढ़ाने का प्रयास समाज और साहित्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि नीरज जी के बारे में कहने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। उन्होंने गोपाल दास नीरज को सदी का महाकवि बताते हुए कहा कि उनके गीत आज भी उतने ही प्रभावशाली और कालजयी हैं। दिल्ली की इस विशेष शाम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कवि भले ही दुनिया से विदा हो जाए, लेकिन उसके शब्दों का कारवां कभी नहीं रुकता। नीरज की अमर रचनाएं आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह जीवित हैं और आने वाली पीढय़िों को प्रेरित करती रहेंगी।