नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में अक्टूबर 2025 में उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त होने वाले नंदकिशोर कलाल का कार्यकाल अभी महज सात महीने का ही हुआ है। लेकिन इन सात महीनों में उन्होंने ऐसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है जिससे शहर में न सिर्फ सुनियोजित विकास हो, बल्कि आधुनिक सरंचना, पर्यावरण सरंक्षण और खेल सुविधाओं का विस्तार हो सके।
ऐरो सिटी जैसी आधुनिक सिटी की परिकल्पना जहां धीरे-धीरे साकार रूप ले रही है तो वहीं अंतर्राष्टï्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी योजना को आगे बढ़ा कर शहर में निवेश को बढ़ावा देने का काम किया है। सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि इन योजनाओं पर भविष्य में कोई बाढ़ का संकट न हो इसके लिए सुरक्षित माहौल देने के लिए तटबंध योजना को भी लाया गया है जिसे जीडीए बोर्ड की सहमति मिल चुकी है। इतना ही नहीं बीस सालों से भूखण्ड के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के विवाद को भी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तो वहीं अपने आवास का सपना देख रहे लोगों के लिए दो आवासीय योजनाएं भी लांच की। इन सब योजनाओं का खाका जीडीए वीसी ने महज सात महीने के कार्यकाल के दौरान खींचा।
राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतर्राष्टï्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर लम्बे समय से कवायद चल रही थी। लेकिन जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल के पद ग्रहण करते ही इस महत्वपूर्ण योजना पर तेजी से काम किया गया और गत महीने हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को सहमति मिली, तो वहीं जीडीए और यूपीसीए अब मिलकर इसका निर्माण करेगा। स्टेडियम का प्रस्ताव शासन को भी भेज दिया गया है, जिस पर जल्द ही प्रेजेंटेशन के बाद निर्माण शुरू होगा। इस स्टेडियम के बढऩे से शहर में खेलों को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अपनी दूरदर्शी सोच के साथ जीडीए वीसी ने प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र को ऐरोसिटी थीम पर एकीकृत टाउनशिप निर्माण की योजना तैयार की। जिससे स्टेडियम के आसपास आधुनिक सिटी बसाई जा सके। इस सिटी में उच्च स्तरीय आवासीय परिसर, वाणिज्यक कॉम्प्लैक्स, होटल एंव हॉस्पिटैलिटी, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन को लागू किया जाएगा, जिससे भविष्य में क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले राष्टï्रीय, अंतर्राष्टï्रीय मैच को देखने वाले दर्शकों को आधुनिक सिटी का अनुभव मिल सके। साथ ही निवेश व रोजगार के अवसर भी बढऩे की सम्भावना है। इसके अलावा जीडीए वीसी ने हरनंदीपुरम योजना के दूसरे चरण पर भी काम शुरू करा दिया है, पहले चरण को भी जल्द ही लांच करने की तैयारी है। यह तीनों ही परियोजना जीडीए की महत्वपूर्ण योजना है जिसमें सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ व बारिश के पानी को इन योजनाओं में आने से रोकना था। ऐसे में जीडीए वीसी ने हिंडन नदी तटबंध परियोजना को तैयार कराया जिससे नदी तटों का सरंक्षण मिलेगा और बाढ़ नियंत्रण प्रभावी होगा, नदी किनारे संपर्क मार्ग विकसित होगा जिससे लोग रिवरफ्रंट मार्ग से सीधे राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली की ओर भी जा सकेंगे। यातायात प्रबंधन भी बेहतर होगा। इस तटबंध से सिर्फ योजनाओं को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी बल्कि पूरे एक्सटेंशन क्षेत्र में बाढ़ के पानी को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। जीडीए वीसी की यह दुरगामी योजना भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इन योजनाओं में जमीनों का अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती था, जिसको लेकर जीडीए वीसी ने लैंड पुलिंग स्कीम को लांच किया जिसके तहत किसानों के साथ आपसी समझौते के तहत बिना विवाद के जीडीए जमीन अधिग्रहण कर सके, यह स्कीम सफल भी हो रही है। इंदिरापुरम से दिल्ली को जाने वाले एलिवेटेड रोड पर यातायात आवागमन को लेकर वर्तमान में वाहन चालकों को काफी घूम कर वापस आना पड़ता है। जीडीए वीसी ने इस स्थिति को देखते हुए एलिवेटेड रोड पर स्लिप रोड निर्माण को मंजूरी देते हुए सौ करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया है। स्लिप रोड बनने से इंदिरापुरम से दिल्ली तथा दिल्ली से वसुंधरा जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकेगी। जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल सिर्फ निर्माण योजनाओं पर ही काम नहीं कर रहे हैं। योजनाओं में आंवटियों को रही दिक्कतों को दूर करने का भी काम कर रहे हैं। हाल ही में हाइराइज सोसाटियों में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए जीडीए वीसी ने दमकल विभाग को सौ करोड़ रुपए जारी किए हैं जिनसे दो हाइड्रोकोलिक प्लेटफार्म मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि भविष्य में ऊंची इमारत में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाया जा सके।
शहर के यातायात को लेकर हैं सजग जीडीए वीसी
जीडीए वीसी शहर के यातायात को लेकर भी काफी सजग है। शहर में जाम की समस्या को दूर करने के लिए वह तीन नए फ्लाईओवर के प्रस्ताव पर काम रह रहे हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण फ्लाईओवर हापुड चुंगी चौराहे पर है जो एएलटी से होकर कविनगर थाने तक उतरेगा जिससे मेरठ से आने वाले वाहन सीधे एनएच पर पहुंच सके तो वहीं चौराहे पर भारी वाहनों का दबाव कम हो सके।
इसके अलावा चौराहे को सिग्लन फ्री बनाया जाएगा। डायमंड कट, गोविंदपुरम जक्शंन, सेठ मुकन्दलाल चौराहे को सिग्नल फ्री करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा जीटी रोड पर जाम के झाम को कम करने के लिए भी चौधरी मोड पर फ्लाईओवर प्रस्तावित किया है, जिस पर करीब दो सौ करोड़ की लागत आएगी। राजनगर एक्सटेंशन में भी जीडीए गोयनका चौराहे पर तीसरा फ्लाईओवर प्रस्तावित है जिससे शहर में वाहनों का दबाव कम हो सके। इसके अलावा राजनगर आरडीसी में वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग का प्रस्ताव किया गया है जिस पर सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मल्टीलेवल पार्किंग बनने से आरडीसी में वाहनों के बेतरतीब खड़े वाहनों से निजात मिल सकेगी।
जीडीए वीसी ने किया आवास का सपना साकार
जीडीए वीसी ने लम्बे समय से अपने आवास का सपना देख रहे लोगों को बड़ी राहत देते हुए मधुबन बापूधाम में 350 आवासीय भूखण्डों की योजना को लांच किया जिसमें 43 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए तो वहीं जीडीए के खाते में भी 13 सौ करोड़ की रकम पहुंची। इसके अलावा नंदग्राम में 77 अवासीय भूखण्ड भी आंवटित किए गए, इस योजना का ब्रोशर खुद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। जल्द ही मधुबन बापूधाम में दूसरी आवासीय योजना को लाने की तैयारी है। इतना ही नहीं जीडीए वीसी के हस्तक्षेप से पिछले बीस साल से मधुबन बापूधाम योजना के किसान भूखण्ड की मांग कर रहे थे, जिसे स्वीकार करते हुए इस विवाद को भी सुलझाया गया जिससे योजना का रास्ता साफ हुआ तो वहीं किसानों को भी बड़ी राहत मिल सकगी। जीडीए वीसी के ही प्रयासों का नतीजा है कि न सिर्फ योजनाओं को रफ्तार मिल रही है बल्कि विवाद को सुलझाने के साथ ही आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
यह परियोजना शहर के भविष्य को देंगी दिशा
जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल के मुताबिक प्राधिकरण का लक्ष्य गाजियाबाद को एनसीआर का एक महत्वपूर्ण शहर बनाए रखना है बल्कि इसे राष्टï्रीय स्तर पर एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित करना है। यह परियोजनाएं शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली हैं जिसके माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। शहर में निवेश के साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जीडीए इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से शहर के समग्र, संतुलित एवं दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक ठोस और प्रभावी रणनीति पर कार्य कर रहा है।