पिंकी चौधरी, दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, युद्धि राणा और गौरव राजपूत थे निशाने पर
नई दिल्ली (युग करवट)। पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकी भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी । इन सभी के घरों पर भी ग्रेनेड से हमला करना था। एटीएस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। एटीएस आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहनता से पूछताछ में जुटी है। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से मूलरूप से बागपत और मेरठ के कंकरखेड़ा में रह रहे तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान व एटा के समीर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तुषार मेरठ और समीर दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट के संपर्क में थे। उनके इशारे पर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या करने का टास्क दिया था। ये टास्क शहजाद ने आबिद जट के माध्यम से दिया था। जिसमें ये भी कहा गया था कि इन सभी के घरों पर ग्रेनेड भी फेंकने हैं, जिससे दहशत फैल सके। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने तुषार और समीर को इन सभी की हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने को कहा था। 50 हजार पहले और ढाई लाख रुपये घटनाओं को अंजाम देने के बाद। साथ ही उन्होंने दोनों को आश्वासन दिया था कि पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजा जाएगा। वहीं पर सेटल कर दिया जाएगा। जिससे भारत की जांच एजेंसी उन तक नहीं पहुंच पाएंगी। एटीएस की जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर व सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिये कॉल की थी।