नई दिल्ली (युग करवट)। भाजपा ने आज कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनावों में एनडीए की जीत की दर, वीएस संपथ के सीईसी रहने के दौरान की जीत की दर से कम है। साथ ही, भाजपा ने सवाल किया कि क्या सोनिया गांधी अपनी विरोधी पार्टी के लिए वोट चोरी कर रही थीं? एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि वीएस संपथ को कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल के दौरान सीईसी नियुक्त किया गया था। संपथ ने 11 जून, 2012 से 15 जनवरी, 2015 तक 18वें सीईसी के रूप में काम किया। भंडारी ने बताया कि सीईसी के रूप में संपथ के कार्यकाल में हुए चुनावों में से एनडीए ने 75 प्रतिशत चुनाव जीते थे। वहीं, सीईसी के रूप में ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में एनडीए ने लगभग 66 प्रतिशत चुनाव जीते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, सीईसी के रूप में ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में एनडीए की जीत की दर वीएस संपथ के कार्यकाल की तुलना में कम है। उन्होंने सवाल किया, तो क्या राहुल गांधी के तेज दिमाग के हिसाब से, सोनिया गांधी भाजपा के लिए वोट चोरी कर रही थीं? उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता का दावा है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में एनडीए को फायदा पहुंचाया गया है, लेकिन तथ्य और आंकड़े उनके वोट चोरी के आरोप की पोल खोल देते हैं।

ज्ञानेश कुमार, जिन्हें सबसे पहले 15 मार्च, 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था, उन्होंने 19 फरवरी, 2025 को भारत के 26वें सीईसी के रूप में कार्यभार संभाला।