नई दिल्ली (युग करवट)। अमेरिका की राजनीति में अब्दुल एल-सैयद ने इतिहास रच दिया है। मिशिगन सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने रिपब्लिकन माइक रोजर्स को 1.27 लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया। चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अब्दुल को जिहादी और आतंकियों का समर्थक बताया था। ट्रंप ने उनकी अमेरिकी संसद में मौजूदगी पर भी सवाल उठाए थे। जिस नेता को ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था अब वही अमेरिकी सीनेट पहुंचने जा रहे हैं। अब्दुल एल-सैयद की यह जीत सिर्फ एक चुनावी मुकाबले का नतीजा नहीं है। मिशिगन अमेरिका का ऐसा राज्य है जहां दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर रहती है। अब्दुल ने न सिर्फ अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया बल्कि डेमोक्रटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील राजनीति को भी मजबूती दी है। 42 साल के अब्दुल एल-सैयद मूल रूप से मिस्र से जुड़े परिवार से आते हैं। राजनीति में आने से पहले वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर चुके हैं।